मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबॉम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना भेजने की धमकी को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने ड्रग कार्टेल्स पर हमले के नाम पर सैनिक भेजने की बात कही थी, लेकिन शेनबॉम ने कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेक्सिको किसी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। ये सब ड्रग्स और माइग्रेशन जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव का हिस्सा है। शेनबॉम ने ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया, जहां अमेरिका ने पहले मेक्सिको पर कब्जा किया था। ये घटना 18 नवंबर 2025 को सामने आई, जब शेनबॉम ने मेक्सिको सिटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
शेनबॉम की सख्त जवाबी कार्रवाई
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेनबॉम ने ट्रंप की चेतावनी पर सीधा कहा, “ये होने वाला नहीं है।” उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने बाद में स्पष्ट किया कि वो सिर्फ मेक्सिको की इजाजत से ही दखल देंगे। लेकिन शेनबॉम ने साफ कर दिया, “हम कभी ऐसी इजाजत नहीं देंगे, क्योंकि हमें किसी विदेशी सरकार का हस्तक्षेप मंजूर नहीं।” उन्होंने 19वीं सदी के मेक्सिकन-अमेरिकन वॉर का जिक्र किया, जहां अमेरिका ने आधा मेक्सिको हड़प लिया था। इस महीने की शुरुआत में भी उन्होंने ऐसी अफवाहों को नकारा था, कहा था, “हम किसी भी तरह के हस्तक्षेप या दखलंदाजी से सहमत नहीं हैं।” शेनबॉम, जो ट्रंप के वापस आने से कुछ महीने पहले सत्ता में आईं, को अमेरिकी दबाव के बीच शांत और मजबूत लीडर माना जा रहा है। उनका ये रुख मेक्सिको की संप्रभुता पर जोर देता है।
ट्रंप के बयान और कदम
ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ड्रग्स रोकने के लिए मेक्सिको में हमले ठीक होंगे, “मुझे कोई दिक्कत नहीं, जो भी जरूरी हो वो करेंगे।” वो मेक्सिको से नाराज हैं, क्योंकि ड्रग रूट्स पर निगरानी है लेकिन कार्टेल्स हावी हैं। अक्टूबर में उन्होंने शेनबॉम की तारीफ की थी, कहा, “मुझे उनकी इज्जत है, वो बहादुर महिला हैं, लेकिन मेक्सिको कार्टेल्स के कंट्रोल में है।” ट्रंप के ये बयान लैटिन अमेरिका पर अमेरिका की सख्त नीति का हिस्सा हैं। सितंबर से अमेरिकी सेना ने 21 ड्रग बोट्स को नष्ट किया, जिसमें कम से कम 83 लोग मारे गए। USS गेराल्ड फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर को वेनेजुएला के पास दक्षिणी कैरेबियन में तैनात किया गया है, ताकि ड्रग्स का बहाव रोका जा सके। ये कदम वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो पर दबाव बनाने के लिए भी हैं, जिन पर चुनाव चोरी का आरोप है।
व्यापक संदर्भ और अमेरिकी नीति
ट्रंप की ये कार्रवाइयां अमेरिका की लैटिन अमेरिका वाली आक्रामक अप्रोच दिखाती हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लिखा, “कुछ देश हमसे खुशी-खुशी सहयोग कर रहे हैं, बाकी कम। सहयोग करने वालों को इनाम मिलेगा, बाकी पर ट्रंप अपना दबाव इस्तेमाल करेंगे।” एनालिस्ट्स का मानना है कि कैरेबियन में तैनाती मादुरो को घेरने का तरीका है। शेनबॉम का ये जवाब दोनों देशों के रिश्तों में नई चुनौतियां पैदा कर रहा है, जहां ड्रग्स और माइग्रेशन जैसे मुद्दे बीच में हैं।
















