भारत में वोटर ID कार्ड सिर्फ पहचान पत्र नहीं है, बल्कि यह आपका एक महत्वपूर्ण नागरिक अधिकार भी है। चुनाव में आपका वोट कितना जरूरी है, यह सभी जानते हैं। लेकिन कई बार पता बदलने, ऑनलाइन गलती होने या अनजाने में दोबारा रजिस्ट्रेशन कर देने से एक ही व्यक्ति के नाम पर दो वोटर ID कार्ड बन जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें, क्योंकि दो वोटर ID रखना कानूनन अपराध है।
Representation of the People Act, 1950 की धारा 31 के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में या एक ही क्षेत्र की दो जगहों पर दर्ज नहीं हो सकता। ऐसा करना फ्रॉडulent Enrollment माना जाता है। कानून के मुताबिक, अगर कोई जानबूझकर या गलती से दो वोटर कार्ड बनवाता है या उनका इस्तेमाल करता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल, 1,000 रुपये का जुर्माना, या दोनों सज़ाएं एक साथ भी हो सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति दोनों कार्ड का इस्तेमाल करके दो बार वोट कर दे, तो यह फर्जी वोटिंग कहलाता है, जो और भी गंभीर अपराध है। इस स्थिति में आपका वोटर रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है। इसलिए अगर आपके पास गलती से दो कार्ड बन गए हैं, तो बेहतर है कि आप तुरंत उनमें से एक को डिलीट करवा दें। अच्छी बात यह है कि अब चुनाव आयोग ने यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपना डुप्लीकेट वोटर ID ऑनलाइन हटवा सकते हैं। डुप्लीकेट वोटर ID कैसे हटाएं-
सबसे पहले NVSP की वेबसाइट (nvsp.in) पर जाएं। अपना अकाउंट बनाएं या लॉगिन करें। “Deletion or Objection in Electoral Roll” विकल्प पर क्लिक करें और Form 7 चुनें। कारण में लिखें- Duplicate voter ID issued mistakenly। जरूरी दस्तावेज जैसे वोटर ID की कॉपी, आधार आदि अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करें और प्राप्त Acknowledgment Number से स्टेटस ट्रैक करें। इसके बाद Booth Level Officer (BLO) आपका वेरिफिकेशन करेगा। वेरिफिकेशन पूरा होने पर आपका डुप्लीकेट वोटर ID Electoral Roll से हटा दिया जाएगा।
















