एलन मस्क के पिता एरोल मस्क ने एक इंटरव्यू में अमेरिका के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर अगले 20 सालों में अमेरिका में गोरे लोग अल्पसंख्यक हो गए, तो देश मुश्किल में पड़ जाएगा। ये बातें सीएनएन के डॉनी ओ’सलिवन के साथ उनके स्पेशल शो “मिसइनफोनेशन: व्हाइट जेनोसाइड” में कही गईं। इंटरव्यू का प्रोमो क्लिप हाल ही में शेयर किया गया, और पूरा एपिसोड 16 नवंबर 2025 को रविवार को प्रसारित होगा। एरोल ने साउथ अफ्रीका का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका भी वैसा ही रास्ता अपना लेगा। ये सब अमेरिका में चल रही बहस का हिस्सा है, जहां व्हाइट पॉपुलेशन के कम होने की बात हो रही है।
इंटरव्यू में अमेरिका की चिंता
इंटरव्यू के दौरान डॉनी ने एरोल से कहा, “अभी अमेरिका में सबसे बड़ी चिंता ये है कि अगले 20 सालों में पहली बार गोरे लोग अल्पसंख्यक हो जाएंगे। साउथ अफ्रीका भी अमेरिका में चर्चा का विषय बन गया है।” एरोल ने तुरंत जवाब दिया, “ये बहुत बुरा होगा।” उन्होंने आगे कहा, “क्या तुम अमेरिका को नीचे गिरते देखना चाहते हो? क्यों? तुम्हें कारें पसंद नहीं? इलेक्ट्रिक कारें? टेक्नोलॉजी? या क्या? क्या तुम जंगल में वापस जाना चाहते हो?” डॉनी ने पूछा, “क्या तुम्हें लगता है कि अमेरिका खत्म हो जाएगा अगर ऐसा हुआ?” एरोल ने हामी भरी, “हां, बिल्कुल।”
एरोल ने अमेरिका को एक उन्नत देश बताया, जो टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से चलता है। उनका मानना है कि अगर डेमोग्राफिक चेंजेस से गोरे अल्पसंख्यक हो गए, तो ये सब प्रभावित होगा। उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका का यूरोपीय कल्चर और डेवलपमेंट खतरे में पड़ सकता है। ये बयान एलन मस्क के पिता होने के नाते ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि एलन खुद अमेरिकी पॉलिटिक्स और इमिग्रेशन पर अक्सर बोलते रहते हैं।
साउथ अफ्रीका का तुलनात्मक उदाहरण
एरोल ने साउथ अफ्रीका का जिक्र किया, जहां वो पैदा हुए थे। उन्होंने कहा, “साउथ अफ्रीका में छोटा सा व्हाइट पॉपुलेशन है, जो यूरोपीय कल्चर को आगे बढ़ाता है। हमने यूरोप से जो सीखा, वो वहां लागू किया।” डॉनी ने बीच में टोका, “और दशकों तक लाखों ब्लैक लोगों को दबाया।” एरोल ने ये बात सिरे से नकार दी। उन्होंने कहा, “नहीं! दबाना क्या होता है? हमने उन्हें काम दिया, उन्हें खाना खिलाया। वो एक छोटे से ग्रुप से बढ़कर बड़ी संख्या में हो गए। 8 लाख से 5 करोड़ तक पहुंचे। ये दबाव नहीं, सपोर्ट है! तुम बड़े तो तब हो जब खाना मिले। हमने उन्हें खिलाया, बस। ये सब बकवास बंद करो।”
एरोल का कहना था कि साउथ अफ्रीका में व्हाइट कम्युनिटी ने ब्लैक पॉपुलेशन को ग्रो करने में मदद की। उनका दावा है कि ये ओप्रेशन नहीं, बल्कि डेवलपमेंट का हिस्सा था। ये उदाहरण देकर उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर वही गलती हुई, तो देश साउथ अफ्रीका जैसा हो सकता है। इंटरव्यू में एरोल ने साफ कहा कि पॉपुलेशन चेंजेस से कल्चर और इकोनॉमी दोनों प्रभावित होंगे।
एरोल मस्क कौन हैं?
एरोल मस्क इंजीनियर हैं और साउथ अफ्रीका में पैदा हुए। वो एलन मस्क के अलावा किम्बल और टोसेस के पिता भी हैं। एलन से उनके रिश्ते अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन एरोल खुद भी पॉलिटिकल और सोशल मुद्दों पर बोलते रहते हैं। ये इंटरव्यू उनके ऐसे ही विचारों को दिखाता है, जहां वो डेमोग्राफिक शिफ्ट्स को खतरा मानते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया टेक डेस्क ने इसकी रिपोर्ट की, जो टेक्नोलॉजी और सोशल इश्यूज पर फोकस करता है।











