बिहार विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2025 के शुरुआती रुझानों के आने के बाद अब विपक्ष ने ईवीएम और एसआईआर को कोसना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसकी शुरुआत कर दी है। कांग्रेस नेता उदित चुनाव आयोग द्वारा SIR यानी गहन मतदाता पुनरीक्षण पर आरोप लगाया है। उदित राज का कहना है कि ये भाजपा या एनडीए की जीत नहीं, बल्कि SIR की जीत है। यह एकतरफा लग रहा है। हमने लगातार एसआईआर का विरोध किया और जवाब मांगे, लेकिन चुनाव आयोग ने वैसा ही जवाब दिया जैसे उन्हें निर्देश मिले। चुनाव आयोग अब भी दावा कर रहा है कि उसे कोई आपत्ति नहीं मिली।
सपा को एसआईआर से दिक्कत
इसी तरह से समाजवादी पार्टी भी चुनाव आयोग और ईवीएम के साथ ही एसआईआर पर भी सवाल खड़े कर रही है। समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने बिहार में चुनावी साजिश का आरोप लगाते हुए आरोप लगाया कि बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पाएगा क्योंकि इस चुनावी साजिश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।
गौरतलब है कि बिहार की कुल 243 सीटों पर गिनती चल रही है, और 122 सीटें जीतने वाली साइड सरकार बनाएगी। रिकॉर्ड वोटिंग ने इसे और दिलचस्प बना दिया। चुनाव के रुझानों से ये स्पष्ट हो गया है कि बिहार में एनडीए के नेतृत्व में एक बार फिर से सरकार की वापसी होने जा रही है।
बिहार में एनडीए की बहार
चुनाव आयोग के ताजा रुझानों की बात करें तो भाजपा 89 सीटों पर आगे चल रही है, जेडीयू 79, एलजेपी 21 सीटों के साथ एनडीए 189 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि महागठबंधन अभी भी संघर्ष करता दिख रहा है। बड़ी खबर ये है कि खबर प्रकाशित होने तक राघोपुर से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भाजपा के सतीश यादव से पीछे चल रहे हैं।

















