नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली को 26/11 मुंबई हमलों की तरह दहलाने की साजिश रचने वाले आतंकियों का बड़ा प्लान सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, रेड फोर्ट ब्लास्ट में मारे गए नौ लोगों की घटना के बाद जांच में पता चला है कि आतंकियों का मकसद दिल्ली के प्रमुख स्थलों — लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर पर एक साथ हमले करना था। इसके साथ ही देशभर के रेलवे स्टेशन और शॉपिंग मॉल्स को भी निशाना बनाने की योजना थी।
26/11 मुंबई हमलों जैसी भयावह योजना
जांच एजेंसियों ने बताया कि आतंकियों का यह मॉड्यूल मुंबई हमलों की तर्ज पर मल्टी-लोकेशन अटैक करना चाहता था। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और लीओपोल्ड कैफे समेत 12 जगहों पर एक साथ हमला हुआ था। उसी पैटर्न को दिल्ली आतंकवादी साजिश में दोहराने की तैयारी थी।
जनवरी से चल रही थी दिल्ली में आतंकी साजिश
जांच के मुताबिक, यह आतंकी साजिश जनवरी से जारी थी और इसके तार पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े पाए गए हैं। इस मॉड्यूल ने दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में लगभग **200 शक्तिशाली IED बम** तैयार किए थे। आतंकियों का उद्देश्य सिर्फ धमाके करना नहीं, बल्कि सांप्रदायिक तनाव भड़काना भी था।
कश्मीर के डॉक्टर बने आतंकी, NCR में बनाई थी बेस
सूत्रों ने बताया कि इस साजिश में शामिल कुछ कट्टरपंथी डॉक्टर पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग से थे। डॉक्टर होने के कारण वे आसानी से NCR में घूम सकते थे। उन्होंने फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर टगा क्षेत्रों में किराए पर कमरे लेकर विस्फोटक सामग्री जमा की थी।
अरेस्ट हुए तीन डॉक्टर, एक आत्मघाती हमलावर की मौत
गिरफ्त में आए तीन डॉक्टर हैं — डॉ. शहीन सईद, मुजम्मिल शकील गनेले और अदील राथर। माना जा रहा है कि डॉ. उमर नबी वही आत्मघाती हमलावर था जिसकी मौत 10 नवंबर को हुए रेड फोर्ट ब्लास्ट में हुई। इनके अलावा अल-फलाह यूनिवर्सिटी के तीन और डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है।
रेड फोर्ट ब्लास्ट में IED विस्फोट, नौ की मौत
CCTV फुटेज के अनुसार, धमाका ह्युंडई i20 कार में शाम के व्यस्त ट्रैफिक के दौरान रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ। इस उच्च तीव्रता वाले विस्फोट में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि लगभग दो दर्जन लोग घायल हुए। जांच में सामने आया कि आतंकी हमला पहले दीवाली पर करने की योजना थी, लेकिन उस समय असफल रहा।
जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड का हिस्सा थी डॉ. सईद
सूत्रों के अनुसार, मुजम्मिल के साथ डॉ. शहीन सईद लगातार संपर्क में थी। उसकी कार से एक असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि वह जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रही थी।
NIA और दिल्ली पुलिस ने जांच तेज की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आतंकी नेटवर्क का फैलाव कितना बड़ा है और किन लोगों की इसमें भूमिका है। प्रारंभिक जांच से यह साफ है कि यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी साजिश थी, जिसका उद्देश्य दिल्ली में 26/11 जैसी दहशत फैलाना था।

















