दिल्ली कार धमाके के बाद महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इब्राहिम आबिदी नाम के एक शिक्षक को हिरासत में लिया है। महाराष्ट्र एटीएस ने मंगलवार (11 नवंबर) शाम को ठाणे जिले के मुंब्रा के कौसा इलाके में इब्राहिम आबिदी के घर पर छापा मारा। छापेमारी में इब्राहिम आबिदी के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इब्राहिम पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा (AQIS) से लिंक और बच्चों को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने का संदेह है। आबिदी किराए के एक फ्लैट में रहता था और हर रविवार को कुर्ला की एक मस्जिद में बच्चों को उर्दू पढ़ाने जाता था। कुर्ला में उसकी दूसरी पत्नी के घर की भी तलाशी ली गई। एटीएस को शक है कि वह बच्चों को चरमपंथी गतिविधियों के लिए उकसा रहा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इब्राहिम आबिदी मुंब्रा की इफायत हाउसिंग सोसायटी में किराए के एक फ्लैट में रहता था। वह एक स्थानीय मदरसे से जुड़ा था और हर रविवार को कुर्ला की एक मस्जिद में उर्दू पढ़ाने के लिए जाता था। पाकिस्तान के अल-कायदा जैसे प्रतिबंधित संगठनों से लिंक और कट्टरपंथी नेटवर्क से उसकी संदिग्ध ऑनलाइन बातचीत को लेकर उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
आबिदी का मोबाइल फोन, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क जब्त
तालाशी के दौरान एटीएस ने फोरेंसिक जांच के लिए आबिदी का मोबाइल फोन और उसके कंप्यूटर की हार्ड डिस्क जब्त कर ली। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी ने कहा, “हमने छापेमारी के दौरान आबिदी के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रहे हैं। आगे की कार्रवाई करने से पहले जब्त की गई इन सामग्रियों की तकनीकी जांच की जा रही है। ताकि आतंकी नेटवर्क से किसी संभावित संबंध की पुष्टि की जा सके।”
आबिदी पर बच्चों का ब्रेनवॉश करने, आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने करने का संदेह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसी को शक है कि आबिदी बच्चों का ब्रेनवॉश करने के साथ उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए उकसा रहा था। इस संबंध में एटीएस की टीमों ने कुर्ला में उसकी दूसरी पत्नी के घर की तलाशी भी ली। इस मामले में उससे पूछताछ भी की जा रही है। हाल ही में पुणे में अल-कायदा से जुड़ा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई थी।
दिल्ली कार बम विस्फोट के बाद निगरानी बढ़ी
दरअसल, दिल्ली कार बम विस्फोट के बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों ने प्रतिबंधित संगठनों के समर्थकों और उनसे जुड़े होने के संदेह में लोगों पर निगरानी बढ़ा दी है। ये छापेमारी महाराष्ट्र एटीएस द्वारा कट्टरपंथी नेटवर्क से संपर्क रखने वाले और चरमपंथी ऑनलाइन सामग्री का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए शुरू किए गए राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है।
पडघा और भिवंडी में भी छापेमारी
मुंब्रा के अलावा एटीएस टीमों ने पडघा और भिवंडी में भी छापेमारी की, जिसमें आतंकी गतिविधियों में लिप्त और उनसे संबंध रखने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की बातचीत व वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य भर में एक एहतियाती सुरक्षा अभियान के तहत केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है।
‘हमारा अल-कायदा से कोई संबंध नहीं’
इब्राहिम की पत्नी नजबिन आबिदी ने छापेमारी के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “कल पुलिस हमारे घर आई और तीन घंटे तक तलाशी ली। उन्हें कुछ नहीं मिला, बस कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और मेरे, मेरे पति व बच्चों के फोन ले गए।” नजबिन ने आगे कहा, “हमारा अल-कायदा या किसी भी आतंकवादी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। हम सरल, निर्दोष लोग हैं। हम केवल अल्लाह और पैगंबर की शिक्षाओं को दूसरों के साथ साझा करते हैं।”
पुणे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को किया था गिरफ्तार
बता दें कि महाराष्ट्र एटीएस ने इससे पहले 27 अक्टूबर 2025 को पुणे के कोंढवा इलाके से आतंकी गतिविधियों में लिप्त सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को गिरफ्तार किया था। एटीएस को जुबैर के अल-कायदा से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। हंगरगेकर देशद्रोही गतिविधियों में शामिल था और महाराष्ट्र के अलावा अन्य शहरों में धमाकों की साजिश रच रहा था।

















