Red fort Blast: दिल्ली के लाल किले के पास रेड लाइट पर हुए भीषण कार धमाका, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इसे आतंकी वारदात करार दिया है। मामले में UAPA के तहत केस भी दर्ज किया गया है। अब हुंडई कार में सवार संदिग्ध की तस्वीर सामने आ गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार की खिड़की पर हाथ रखे पार्किंग में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है, जबकि एक अन्य तस्वीर में वह नीले और काले रंग की टी-शर्ट पहने हुए दिखाई दे रहा है। धमाके से पहले यह कार पहले एक मस्जिद के पास रुकी थी। वह वहां 3 घंटे तक खड़ी रही। पुलिस 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही है, जिसमें टोल प्लाजा के भी शामिल हैं, ताकि कार का रूट डरियागंज तक ट्रेस हो सके।
क्या है पूरा मामला
धमाका शाम करीब 6:52 बजे सुभाष मार्ग के सिग्नल पर हुआ, जो रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास है।सफ़ेद हुंडई i20 जिसका नंबर HR 26CE 7674 है, धीमी गति से सिग्नल पर रुकी और अचानक फट गई। कार धमाके से पहले दो घंटे से ज्यादा समय से पास के पार्किंग लॉट में खड़ी थी। धमाके की ताकत इतनी थी कि आसपास की पांच-छह कारें, चार मोटरसाइकिलें और तीन ई-रिक्शे जल गए। सड़क पर शव और मलबा बिखर गया। चश्मदीदों ने बताया कि इलाके में शाम के कम्यूटर्स की भारी भीड़ थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “ट्रैफिक बंपर-टू-बंपर था, इसलिए हताहत ज्यादा हुए।”
धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि सिस गंज गुरुद्वारे के पास 500 मीटर दूर घरों के शीशे टूट गए। फायर ब्रिगेड को 6:55 बजे पहला कॉल आया, और सात फायर टेंडर भेजे गए। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग और धुआं काबू में आया।हताहतों की स्थितिइस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 घायल हुए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने में पुलिस और फायर टीम ने काफी मेहनत की।
संदिग्ध के बारे में जानकारी
पुलिस को शक है कि कार चला रहा था उमर नाम का शख्स, जो फरीदाबाद में एक पुराने विस्फोटक केस में फरार है। कार गुड़गांव के सलमान के नाम रजिस्टर्ड थी, लेकिन बाद में पुलवामा के तारिक को बेच दी गई। जांचकर्ता ये भी देख रहे हैं कि क्या ये फरीदाबाद में उसी दिन नाकाम हुई टेरर साजिश से जुड़ा है, जहां विस्फोटकों का जखीरा जब्त हुआ था। अभी मोटिव का कोई साफ पता नहीं चला।

















