भारत सरकार वंदे मातरम की भावना को पूरे देश और दुनिया में फैलाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत आकाशवाणी, दूरदर्शन और एफएम रेडियो पर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम और संदेश प्रसारित किए जाएंगे। लोगों में वंदे मातरम के प्रति गर्व की भावना जगाने के लिए इन कार्यक्रमों का उद्देश्य देश के हर नागरिक को एक सूत्र में जोड़ना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (PIB) देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में वंदे मातरम पर पैनल चर्चाएं और संवाद आयोजित करेगा। वहीं, विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और मिशनों में वंदे मातरम की भावना को समर्पित सांस्कृतिक संध्याएँ आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही एक वैश्विक संगीत समारोह भी होगा, जिसमें वंदे मातरम के माध्यम से भारत की एकता और संस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा।
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अभियान के तहत “वंदे मातरम: धरती मां को सलाम” थीम पर पेड़ लगाने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न राजमार्गों पर देशभक्ति से जुड़े चित्र बनाए और प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि लोगों में राष्ट्रीय भावना और गर्व का संचार हो। रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से वंदे मातरम से जुड़ी जानकारी और प्रेरणादायक संदेश दिखाए जाएंगे।
इस अभियान में 25 लघु फिल्में भी तैयार की जाएंगी, जिनमें वंदे मातरम के अलग-अलग पहलुओं, बंकिम चंद्र चटर्जी के जीवन, और स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की भूमिका को दिखाया जाएगा। ये सभी फिल्में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचेगी, ताकि नई पीढ़ी भी इस गीत के महत्व को समझ सके। सरकार ने यह भी तय किया है कि “हर घर तिरंगा” अभियान को वंदे मातरम अभियान के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे देशभक्ति की भावना को और बल मिले। यह पूरा अभियान न केवल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की महान रचना को श्रद्धांजलि है, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम की प्रेरक भूमिका को भी याद करता है। इसके माध्यम से आज का भारत अपने गौरवशाली अतीत को एकता, आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा से जोड़ रहा है।

















