अमृतसर। जमानत पर बाहर आए खालिस्तानी आतंकी ने अपने गांव में ही अनिवासी भारतीय की हत्या कर दी। आतंकी विक्रम सिंह और उसके साथी ने मलकीत के सीने पर 12 गोलियां दागीं।
18 नवंबर, 2018 की सुबह निरंकारी भवन पर ग्रेनेड फेंककर दो लोगों की हत्या करने वाले आतंकी विक्रम सिंह ने शनिवार रात इटली से लौटे एनआरआई की गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसने 45 वर्षीय मलकीत सिंह को 12 गोलियां मारीं। इसके बाद वह साथी के साथ फरार हो गया। राजासांसी थाने के प्रभारी विक्रमजीत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। विक्रम दो साल पहले जेल से जमानत पर छूटा था। धारीवाल गांव निवासी मलकीत के पिता सुरजीत सिंह और बहन हरप्रीत सिंह ने बताया कि मलकीत ज्यादा समय इटली में ही रहे हैं। दो महीने पहले वह इटली से लौटे थे। यहां वह पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहे थे। परिवार खुश था कि मलकीत वर्षों के बाद दीवाली पर घर पहुंचे हैं।
सुरजीत सिंह ने बताया कि वह किसान हैं। कुछ दिन पहले बेटे का गांव में ही रहने वाले विक्रम सिंह के साथ विवाद हो गया था। उस दौरान तो विक्रम वहां से चला गया, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि वह मन में रंजिश रखे हुए है। शनिवार रात दोनों आरोपितों ने मलकीत को रास्ते में घेर लिया। सुरजीत ने बताया कि विक्रम सिंह और उसके अज्ञात साथी ने दो पिस्तौल से 12 गोलियां मारकर बेटे की हत्या कर दी। गोलियां चलने की आवाज सुनकर वह घटनास्थल पर पहुंचे। मलकीत को अस्पताल लेकर गए लेकिन डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

















