लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने जुनैद, हलीम, मुमताज, रैयान, शादाब, हाफिज और सिराजुद्दीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने थाना कपिलवस्तु में एफआईआर दर्ज करने के बाद हफीक, जैद और अफरोज को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पिता का कहना है कि जुनैद ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का वीडियो बनाया था और उसने यह वीडियो अपने दोस्तों के फोन पर वायरल किया। वीडियो को दिखाकर ब्लैकमेल कर पीड़िता के साथ लगातार दुष्कर्म किया गया। पीड़िता कई दिनों से मानसिक तनाव में थी। जब उसके व्यवहार को देखकर घर वालों को शक हुआ तो पूछताछ करने पर इस बड़ी घटना के बारे में जानकारी मिली।
पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज करने के बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है। घटना की विवेचना में तकनीकी और फोरेंसिक मदद ली जा रही है। हर हाल में अभियुक्तों को सजा दिलाई जाएगी। पीड़िता की काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
सिद्धार्थनगर के सदर विधायक श्याम धनी राही और डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने थाने पर पहुंचकर इस मामले की प्रगति के बारे में जानकारी ली और पुलिस से कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
सोशल मीडिया पर भी इस वारदात पर गहरा आक्रोश है। मामले को लेकर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने एक्स पर लिखा कि ” उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बिल्कुल अजमेर सेक्स कांड की तरह एक कांड सामने आया है। परिजनों की तहरीर पर आठ व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एक हिन्दू यादव समुदाय की नाबालिग लड़की से जुनैद ने दोस्ती की फिर उसका बलात्कार किया और उसका वीडियो बना लिया। फिर जुनैद मुंबई जाने के पहले वह वीडियो अपने एक दोस्त हलीम को दिया। हलीम ने भी वीडियो के द्वारा ब्लैकमेल करके हिंदू लड़की का बलात्कार किया। फिर हलीम जब दिल्ली जाने लगा तब उसने वह वीडियो अपने दूसरे दोस्त मुमताज उर्फ कमर को दिया। कमर ने भी उसे वीडियो के आधार पर उस यादव समुदाय की हिंदू लड़की का बलात्कार किया और इस तरह एक के बाद एक कुल 9 मुस्लिम दोस्तों ने जिसमें रयान शादाब हाफिक वेद सिराजुद्दीन ने उस यादव समुदाय की नाबालिग लड़की को ब्लैकमेल करके बलात्कार करते रहे। पहले अखिलेश यादव इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि सभी आरोपी मुस्लिम हैं तो अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी गई।

















