महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों को 31 अक्टूबर से 7 नवंबर तक राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाने का आदेश दिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने 27 अक्टूबर को परिपत्र भी जारी किया है। शिक्षा विभाग के इस आदेश पर समाजवादी पार्टी के नेताओं को ऐतराज है।
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का विरोध करते हुए विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वंदे मातरम् को अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे मुस्लिमों की भावनाएं आहत होती हैं। मुस्लिम धर्म की भावनाओं का आदर किया जाना चाहिए। इस बीच सपा विधायक रईस शेख ने राज्य सरकार से मांग की है कि सभी स्कूलों में वंदे मातरम् का पूर्ण गायन अनिवार्य करने का सरकारी आदेश तुरंत वापस लिया जाए।सपा नेता के इस बयान पर सत्तारूढ़ बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि अगर विधायक राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं करते हैं तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
जिस तरह हिन्दू भाइयों को कुरान पढ़ने या “अल्लाहु अकबर” कहने के लिए मजबूर करना गलत है, उसी तरह मुसलमानों को “वंदे मातरम्” कहने के लिए मजबूर करना भी गलत है। हर व्यक्ति की अपनी आस्था होती है, और हमें सबकी आस्था का सम्मान करना चाहिए।#VandeMataram #ReligiousFreedom #HatePolitics… pic.twitter.com/E2tc24s363
— Abu Asim Azmi (@abuasimazmi) October 30, 2025
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् 31 अक्टूबर को 150 वर्ष पूरे कर रहा है। राज्य भर के स्कूलों में वर्तमान में राष्ट्रीय गीत के पहले दो पद गाए जाते हैं। हालांकि, इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, 31 अक्टूबर से 7 नवंबर तक सभी स्कूलों में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया जाना चाहिए। स्कूलों को इस गीत के इतिहास को दर्शाती एक प्रदर्शनी भी लगानी चाहिए।
इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता: अबू आजमी
अबू आजमी ने गुरुवार (30 अक्टूबर) को मीडियाकर्मियों से कहा, ”सब की अलग-अलग आस्था होती है। खासतौर पर मुस्लिम धर्म में, इस्लाम मां के सम्मान को बहुत महत्व देता है। मां की सेवा करेंगे तो उनके पैरों के नीचे स्वर्ग है, लेकिन मां का सजदा नहीं किया जाता। सदजा, नमन और किसी के आगे झुकना वो सिर्फ अल्लाह के सामने होता है। हमारा मानना है कि अल्लाह एक है और पूरी दुनिया, सूरज, जमीन और आसमान सब उसने बनाया है। हम उन्हीं के सामने सजदा करते हैं और किसी के सामने नमन नहीं करते।” उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम में शराब पीना हराम है, लेकिन बहुत लोग पीते हैं। जिसकी मर्जी है वो करे और जिसकी मर्जी नहीं है वो न करे। परन्तु इसे अनिवार्य करना कहीं से भी उचित नहीं है। सबकी अपनी-अपनी आस्था है, अपना-अपना धर्म है। अगर किसी हिंदू को कहा जाए कि आइए आपको कुरान पढ़ना है, अल्लाहु अकबर कहना है। तो यह कहना गलत होगा, क्योंकि उनका अलग धर्म है।”
बीजेपी का पलटवार, पाकिस्तान क्यों नहीं चले जाते
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रमुख नवनाथ बान ने कहा, ”अगर अबू आजमी को वंदे मातरम् से इतनी ही परेशानी है, तो उन्हें पाकिस्तान या अपनी पसंद के किसी अन्य देश चले जाना चाहिए। अगर वह यहां रहना चाहते हैं, तो उन्हें वंदे मातरम् का सम्मान करना होगा और उसका गायन करना होगा।” महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करने के लिए अबू आजमी पर देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए। वंदे मातरम् देशभक्ति और देश के प्रति भक्ति की भावना जगाता है।












