असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे को राज्य के युवाओं का अपमान करने पर ‘फर्स्ट क्लास इडियट’ बताया है। असम और गुजरात के बारे में खड़गे की विवादित टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने सोमवार (27 अक्टूबर) को कहा, “प्रियांक खड़गे फर्स्ट क्लास इडियट है। उसने असम के युवाओं का अपमान किया है और कांग्रेस ने अभी तक उसकी निंदा भी नहीं की है। उसने कहा कि असम में पढ़े-लिखे और काबिल युवा नहीं हैं। हम कांग्रेस नेता के खिलाफ केस दर्ज कर सकते हैं। यह पूरे असम के युवाओं का अपमान है।”
क्या गुजरात, असम में टैलेंट है?
दरअसल, मल्लिकार्जुन के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने रविवार (26 अक्टूबर) को मीडियाकर्मियों से बातचीत में देश भर में सेमीकंडक्टर उद्योगों द्वारा निवेश के लिए असम और गुजरात का चयन करने को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सेमीकंडक्टर उद्योग असम, गुजरात क्यों जा रहे हैं? सेमीकंडक्टर उद्योग अगर बेंगलुरु में निवेश करना चाहते हैं तो वे असम और गुजरात क्यों जा रहे हैं? कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे के शब्दों में, ”मैंने पहले भी यह मुद्दा उठाया है। सेमीकंडक्टर उद्योग असम और गुजरात क्यों जा रहे हैं जबकि वे असल में बेंगलुरु जाना चाहते हैं? कर्नाटक में होने वाले सभी निवेशों को केंद्र सरकार गुजरात, असम जाने के लिए मजबूर कर रही है। गुजरात में क्या है? क्या वहां टैलेंट है? असम में क्या है? क्या वहां टैलेंट है?” उनके विवादित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हुआ, जिसके बाद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीएम हेमंत ने प्रियांक को अव्वल दर्जे का बेवकूफ बताया और कहा उन्होंने असम के युवाओं का अपमान किया है। कांग्रेस ने अभी तक उनकी निंदा भी नहीं की है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे ने सेमीकंडक्टर उद्योग के मुद्दे पर असम और गुजरात का खुलेआम अपमान किया है। उन्होंने बार-बार यह कहकर असम के युवाओं का अपमान किया कि उनके पास कोई टैलेंट नहीं है।
मल्लिकार्जुन खड़गे भी कर चुके हैं असम के टैलेंट का अपमान
बेटे ने ही नहीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी असम की भावनाओं और टैलेंट का अपमान किया है, जब केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में असम के दिवंगत संगीत सम्राट भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का फैसला किया था। उस वक्त खड़गे ने कहा था, “कर्नाटक के कई काबिल लोगों को छोड़कर केंद्र सरकार ने एक गायक को भारत रत्न देने के लिए चुना।” इस वर्ष सितंबर में असम के गुवाहाटी में महान गायक, संगीतकार और भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष के इस विवादित टिप्पणी को सुनकर हैरान हैं। इस बीच, असम के लोगों ने भी कांग्रेस नेता की विवादित टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ध्यान दें कि पुरानी पार्टी ने कई दशकों तक असम और नॉर्थ-ईस्ट को विकास से दूर रखा, लेकिन पीएम मोदी और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम विकास की राह पर है।

















