प्रत्येक वर्ष सितंबर माह में हिमालय दिवस के आसपास आयोजित होती आ रही खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा इस वर्ष भी सम्पन्न हुई। यह यात्रा गत दिनों नई दिल्ली के पालम से देहरादून के लिए रवाना हुई। खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा के संयोजक सूर्य प्रकाश सेमवाल के नेतृत्व में यात्रीदल में प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ.रामकृष्ण भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगरान, कवि बीर सिंह राणा, समाजसेवी सुरेशानंद बसलियाल, संजय तड़ियाल और विपिन थपलियाल शामिल थे।
देहरादून में यात्रा में कुछ और लोग शामिल हुए और सभी बाल गंगा घाटी की ओर बढ़े और सर्वप्रथम आदि केदार माने जाने वाले वेलेश्वर महादेव की सिद्धपीठ पहुंचे। इसके उपरांत यात्रीदल बूढ़ा केदार के पवित्र धाम पहुंचा। बूढ़ा केदार में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के उपरांत यात्रीदल बालखिल्य पर्वत की उपत्यका में विद्यमान सिद्धपीठ चूलागढ़ पहुंचा, जहां दस ‘महाविद्याओं’ में से एक ‘त्रिपुरसुन्दरी/ षोडशी’ मां राज राजेश्वरी के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यहां से यात्रीदल विभिन्न छोटे मंदिरों और सुरम्य पर्यटन स्थलों के दर्शन करता हुआ घनसाली पहुंचा। घनसाली से यात्री दल मानचंपु मंदिर,भगवती रानीगढ़ के दर्शन करते हुए भिलंग पट्टी के चंद्रेश्वर महादेव मंदिर,सिद्धपीठ बगुलामुखी, बुगीलाधार, भिल्लेश्वर महादेव पीठ और देवलिंग से होते हुए अंत में खतलिंग की गोद में बसे तिब्बत सीमा से सटे सीमांत गंगी गांव स्थित सोमेश्वर महाराज की सिद्धपीठ पहुंचा। यहीं इस यात्रा का समापन हुआ।














