दुर्गापुर में एक मेडिकल स्टूडेंट के साथ हुई गैंग रेप की घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पीड़िता ने शुक्रवार को दुर्गापुर करेक्शनल होम में टेस्ट आइडेंटिफिकेशन (टीआई) परेड के दौरान पांच आरोपीयों को पहचान लिया। यह परेड मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई, और छठे आरोपी को इसमें शामिल नहीं किया गया क्योंकि वह पीड़िता को पहले से जाना-पहचाना था। पुलिस का कहना है कि जांच सुचारू रूप से चल रही है, और आरोपियों की भूमिकाओं पर फोकस है—चाहे वह रेप हो या उसके बाद की ब्लैकमेलिंग।
टीआई परेड कैसे हुई
शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे पीड़िता अपनी मां और वकील के साथ जेल पहुंचीं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। परेड के दौरान वह अकेले मजिस्ट्रेट सरकार के साथ रहीं, और करीब एक घंटे बाद, 1:20 बजे वहां से लौटीं। पीड़िता के वकील पार्थ घोष ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के मुताबिक चली। उन्होंने कहा, “जांच अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। टीआई परेड इस केस के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई। नतीजे संतोषजनक हैं।” घोष ने यह भी जोड़ा कि अगर जांच में कहीं कमी दिखी तो वे उचित कदम उठाएंगे। पुलिस ने पांचों आरोपीयों को परेड में उतारा, जो पीड़िता की पहचान के बाद हिरासत में हैं।
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आरोपियों की भूमिकाएं
पुलिस जांच के मुताबिक, परेड में उतारे गए पांच आरोपी इस तरह हैं। सबसे पहले, नसीरुद्दीन स्क उर्फ सम्राट (23), अपू बाउरी (21) और फिरदौस (23)—ये तीनों रेप की घटना में सीधे शामिल थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक ने रेप किया, जबकि बाकी दो मौके पर मौजूद थे। अधिकारी ने कहा, “मौके पर होना ही साजिश का हिस्सा माना जाता है। बीएनएस के तहत ये तीनों गैंग रेप के दोषी हैं।”
फिर, रियाजुद्दीन (31) और साफिक (25) बाद में घटनास्थल पर पहुंचे। इन्होंने पीड़िता को धमकाकर पैसे मांगे और उसका फोन छीन लिया। दोनों ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। छठा आरोपी, वसीफ अली (23), पीड़िता का कॉलेज में ही पढ़ने वाला दोस्त है। उसे परेड में नहीं उतारा गया क्योंकि पीड़िता उसे पहले से जानती थी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया, “टीआई परेड अज्ञात आरोपियों के लिए होती है। चूंकि वह जाना-पहचाना था, इसलिए जरूरी नहीं था।”
घटना का पूरा विवरण
यह सब 10 अक्टूबर की रात शुरू हुआ। पीड़िता के मुताबिक, वसीफ अली ने उसे कॉलेज कैंपस से बाहर खाने के बहाने बुलाया। वह उसे एक सुनसान जगह ले गया और छेड़छाड़ करने लगा। तभी ये तीन आरोपी पीछा कर पहुंचे। अली भाग गया, और बाकी ने पीड़िता के साथ रेप किया। उसके बाद रियाजुद्दीन और साफिक आए, जिन्होंने वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और फोन छीन लिया।
अली ने कोर्ट में दावा किया कि उसके और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध थे, वह खुद आई थीं, और उसने रेप नहीं किया। लेकिन पुलिस का कहना है कि सबूत पीड़िता के बयान की पुष्टि करते हैं। जांच में फोन रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और गवाहों के बयान शामिल हैं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में सारी घटना विस्तार से बताई, जो पुलिस के लिए आधार बनी।
जांच की मौजूदा स्थिति
पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, और बाकियों की तलाश तेज है। वेस्ट बंगाल पुलिस ने कहा कि केस को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। पीड़िता की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, और मेडिकल रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा है। वकील घोष ने बताया कि वे हर कदम पर नजर रखे हुए हैं। घटना के बाद कोलकाता में भी विरोध प्रदर्शन हुए, जहां लोग न्याय की मांग कर रहे थे। पुलिस का फोकस अब आरोपीयों के बीच साठगांठ और मोटिव पर है।














