उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ऐतिहासिक नगरी संभल स्थित प्राचीन मनोकामना मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने जा रहा है। जिले के प्राचीन तीर्थस्थलों और कुओं के संवर्धन अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) प्राचीन मनोकामना मंदिर के समग्र विकास की ओर अग्रसर है। योजना पर 171 लाख रुपए की धनराशि खर्च होगी।
प्राचीन मनोकामना मंदिर का विकास उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संभल जनपद प्राचीन इतिहास और पौराणिक परंपराओं से समृद्ध क्षेत्र रहा है। राज्य सरकार जनपद स्थित कूपों, देव स्थलों और प्राचीन मंदिरों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण के लिए व्यापक प्रयास कर रही है। इसी श्रृंखला में अब 141 वर्ष पुराने मनोकामना मंदिर के आसपास पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।
पौराणिक मान्यता और धार्मिक महत्व
उन्होंने बताया, पौराणिक मान्यता है कि भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि रूप में संभल में होगा। संभल के प्रसिद्ध मनोकामना मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुंड भी है, जो हनुमान मंदिर, राम जानकी मंदिर और देवजी मंदिर जैसे कई अन्य छोटे मंदिरों से घिरा है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाला भंडारा संत बाबा राम मनी की पुण्य स्मृति को समर्पित होता है। भंडारे में जनपद और आसपास के क्षेत्र से आए भक्त भावपूर्वक सहभागिता करते हैं।
141 साल पुराना मंदिर और ऐतिहासिक संरचना
संभल के चंदौसी से करीब चार किलोमीटर दूर ब्लॉक बनिया खेड़ा के गनेशपुर गांव में करीब 141 साल पुराना प्राचीन मनोकामना मंदिर है। नंद किशोर और गनेशी लाल ने सन 1884 में मनोकामना मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर 20 बीघा जमीन पर बना है, जिसमें राधा कृष्ण का मंदिर और शिवालय के अलावा मनोकामना कुंड है। कुंड में एक गंगा देवी मंदिर है। विशाल कुंड में चारों ओर सीढ़ियां और ऊपर बरामदा बना है। बताया जाता है कि 150 साल पहले एक जमींदार ने मंदिर के नाम 100 बीघा जमीन दान कर दी थी।
संभल जिले में बढ़ रहा है पर्यटन आकर्षण
जयवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्रफल की दृष्टि से संभल छोटा जिला है। मगर, पर्यटन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 में जनपद में जहां 43,58,329 पर्यटक आए, वहीं 2025 के शुरुआती महीने जनवरी से मार्च तक यहां तकरीबन 13,05,970 पर्यटक पहुंचे। पर्यटन विभाग को वर्षांत तक पर्यटकों का आंकड़ा 45 से 50 लाख के बीच रहने का अनुमान है।











