देश के मशहूर ऐड गुरु पीयूष पांडेय का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने से भारत के विज्ञापन जगत में एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने विज्ञापनों की दुनिया को नई पहचान दी और उसे आम लोगों के दिल से जोड़ा। पीयूष पांडेय ने ऐसे विज्ञापन बनाए जो लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गए। एशियन पेंट्स के लिए उनका लिखा स्लोगन “हर खुशी में रंग लाए” आज भी लोगों की जुबान पर है। वहीं कैडबरी का मशहूर ऐड “कुछ खास है” भी उनकी ही सोच का नतीजा था। इनके अलावा उन्होंने फेविकोल, हच (अब वोडाफोन) जैसी कंपनियों के लिए भी यादगार कैंपेन बनाए, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में बसे रहे।
वह सिर्फ एक विज्ञापन लेखक नहीं थे, बल्कि लोगों की भावनाओं को समझने वाले रचनाकार थे। उन्होंने भारत की विविधता और एकता को दिखाने वाले मशहूर गीत “मिले सुर मेरा तुम्हारा” को लिखा था। यह गीत दूरदर्शन का थीम सॉन्ग बना और बाद में इंटरनेट आने पर भी लोग इसे बार-बार सुनते रहे। पीयूष पांडेय की सबसे बड़ी ताकत थी भारतीय समाज की गहरी समझ। वे जानते थे कि भारत के लोग भावनाओं से जुड़ते हैं, और उन्होंने अपने विज्ञापनों में उसी भाव को जगह दी। उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति, परिवार और उत्सव की झलक साफ दिखती थी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चले चुनाव प्रचार का प्रसिद्ध नारा “अबकी बार, मोदी सरकार” भी लिखा था, जो पूरे देश में चर्चा का विषय बना। पीयूष पांडेय ने साल 1982 में ओगिल्वी इंडिया कंपनी को जॉइन किया था। इसके साथ उन्होंने करीब चार दशक तक काम किया। उनके नेतृत्व में यह कंपनी भारत की सबसे सफल विज्ञापन एजेंसियों में शामिल हुई। उनके साथी कहते हैं कि ओगिल्वी इंडिया की सफलता के पीछे सबसे बड़ा नाम पीयूष पांडेय का ही था। विज्ञापन की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने कई अलग-अलग काम किए थे। वे एक समय क्रिकेटर भी रहे थे, चाय बागान में काम किया और निर्माण क्षेत्र में भी अनुभव लिया। 27 साल की उम्र में उन्होंने विज्ञापन जगत में कदम रखा और अंग्रेजी के दबदबे वाली इस इंडस्ट्री में भारतीय भाषाओं की ताकत दिखा दी। उनकी मूंछें, मुस्कुराता चेहरा और सादगी भरा स्वभाव उनकी पहचान थे।










