गंगा तीर्थ स्थल गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं और अब मुखबा गांव में मां गंगा के दर्शन हो सकेंगे। हर साल यह परंपरा है कि जब गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाते हैं, तो मां गंगा की उत्सव पालकी मुखबा गांव ले जाई जाती है, जहां श्रद्धालु छह महीने तक उनके दर्शन कर सकते हैं।
मुखबा गांव को मां गंगा का मायका माना जाता है और यहां के मंदिर में मां गंगा की पूजा-अर्चना की जाती है। इस वर्ष 757,762 तीर्थयात्री गंगोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं और अब वे मुखबा गांव में मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे। गंगोत्री के बाद यमुनोत्री और फिर केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे। श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट नवंबर में बंद होंगे। शीतकाल में सभी धामों के देवी देवताओं के दर्शन विभिन्न मंदिरों में होने की परंपरा है। सरकार ने इस अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को देवभूमि की ओर आकर्षित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं ताकि तीर्थयात्राएं बारह महीने जारी रहें।

















