अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टॉमहाक मिसाइलों के मामले में मायूश होने के बाद अब पश्चिमी देशों को भड़काने की कोशिशों में लग गए हैं। उनका कहना है कि रूस को कभी भी खुशामद न की जाए। ये सब इसलिए क्योंकि रूस की जंग यूक्रेन पर तेज हो रही है, और ज़ेलेंस्की चाहते हैं कि सहयोगी देश अब हिचकिचाहट छोड़ दें।
अमेरिका से मिसाइलों की उम्मीद टूटी
ज़ेलेंस्की हफ्तों से टॉमहाक मिसाइलों की मांग कर रहे थे, ताकि रूस के पीछे के इलाकों को निशाना बना सकें। लेकिन ट्रंप गुरुवार को पुतिन से लंबी फोन कॉल पर ज्यादा उत्साहित नजर आए। दोनों ने बुडापेस्ट में जल्द मिलने का फैसला किया। इससे यूक्रेन की उम्मीदें धूल चाट गईं। ज़ेलेंस्की ने सोचा था कि ट्रंप की पुतिन से नाराजगी का फायदा उठा लेंगे, लेकिन ट्रंप अब डील पर जोर दे रहे हैं। यूक्रेन को ये मिसाइलें चाहिए क्योंकि ये 2,500 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती हैं।
पश्चिमी देशों को उकसा रहे ज़ेलेंस्की
अमेरिका से लौटते ही ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यूक्रेन कभी आतंकियों को उनके अपराधों का इनाम नहीं देगा, और हम उम्मीद करते हैं कि हमारे पार्टनर भी यही रुख अपनाएंगे।” उन्होंने यूरोपीय और अमेरिकी सहयोगियों से निर्णायक कदम उठाने को कहा। बोले, अब यूरोप-नीत ‘कोअलिशन ऑफ द विलिंग’ की एक और मीटिंग का वक्त आ गया है। इस हफ्ते रूस ने यूक्रेन पर 3,270 से ज्यादा अटैक ड्रोन, 1,370 गाइडेड एरियल बम, और करीब 50 मिसाइलें दागीं।
सर्दी से पहले तबाही मचाने की फिराक में रूस
मॉस्को ने हाल के हफ्तों में यूक्रेन के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं। रविवार को पूर्वी यूक्रेन में दो लोग मारे गए, दर्जन भर से ज्यादा घायल हुए। रूसी सेना ने दावा किया कि डोनेट्स्क और जेपोरेजिया के दो गांव कब्जे में ले लिए। ज़ेलेंस्की के अमेरिका जाते वक्त रूस ने गैस साइट्स पर बमबारी की। ये सब यूक्रेन की जिंदगियों को मुश्किल बना रहा है।

















