ट्रंप की टैरिफ के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इसका भारत के व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही कहा था कि वो भारत के व्यापारियों पर टैरिफ की मार का असर नहीं पड़ने देंगे। हुआ भी वैसा ही। इस धनतेरस देशभर में लोगों ने एक ही दिन में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीददारी कर डाली। इस बात का दावा ऑल इंडिया ट्रेडर्स कॉन्फेडरेशन (CAIT) ने अपनी रिपोर्ट में किया है। इसमें अकेले सोने-चांदी का ही 60,000 करोड़ रुपए का ट्रेड हुआ।
खास बात ये है कि ये आकंड़ा पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी अधिक है। यहीं नहीं इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी अपील का भी खासा असर इस बार लोगों की खरीददारी में देखा गया। लोगों ने स्वदेशी और मेड इन इंडिया को प्रमुखता दी हैं।
सोना-चांदी: 60 हजार करोड़ का कारोबार
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, धनतेरस पर सोना-चांदी की खरीदारी ने बाजार को गर्म कर दिया। CAIT की ज्वेलर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट पंकज अरोड़ा ने बताया कि पिछले दो दिनों में ज्वेलरी मार्केट में कभी न देखी जाने वाली भीड़ लगी। दिल्ली में ही 10 हजार करोड़ से ज्यादा की बिक्री हो गई। हालांकि, इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता कहते हैं कि ऊंची कीमतों की वजह से सोने की मात्रा में 10 फीसदी की गिरावट आई। पिछले साल 39 टन सोना बिका था, इस बार 36 टन के आसपास रहने का अनुमान है। जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े भी यही कहते हैं कि मात्रा में 10-15 फीसदी कमी आई, लेकिन कुल वैल्यू में इजाफा हुआ। लोग स्मार्ट तरीके से खरीद रहे हैं, खासकर जल्दी शादियों के लिए।
इस साल सोने की कीमत 50,000 से अधिक बढ़ी
सोने के सिक्कों की डिमांड सबसे ज्यादा धनतेरस में रही। इस साल सोने की कीमत 53,422 रुपये (70.14 फीसदी) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये का था, अब 1,29,584 रुपये हो गया है। वहीं चांदी 83,213 रुपये (96.74 फीसदी) महंगी हुई—पहले 86,017 रुपये किलो, अब 1,69,230 रुपये पर पहुंच गई है।
बर्तन और किचन सामान: 15 हजार करोड़ की बिक्री
पारंपरिक तौर पर धनतेरस पर तांबा, चांदी या स्टील के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ये शुद्धता और खुशहाली लाते हैं। CAIT के मुताबिक, इस सेगमेंट में 15 हजार करोड़ की बिक्री हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स में 10 हजार करोड़, डेकोरेटिव आइटम्स, लैंप्स और पूजा सामग्री में 3 हजार करोड़, तो ड्राई फ्रूट्स, मिठाइयां, फल, कपड़े और वाहनों में 12 हजार करोड़ का कारोबार। मार्केट में लोग तांबे के बर्तन और स्टील के सामान लेते दिखे।
पीएम मोदी की स्वदेशी मुहिम का कमाल
CAIT के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि जीएसटी में कटौती और पीएम मोदी की ‘लोकल प्रोडक्ट्स’ मुहिम ने लोगों को खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया। छोटे व्यापारी और कारीगरों को फायदा हुआ। ट्रेडिशनल मार्केट से लेकर मॉल्स तक हर जगह भीड़ रही। पैनासोनिक के सेल्स हेड संदीप सेठगल ने बताया कि सुबह से ही कस्टमर आए। बड़े स्क्रीन टीवी, खासकर 55 इंच वाले, सबसे ज्यादा बिके। टीवी और एसी में पिछले साल से 30 फीसदी ग्रोथ हुई।
ऑटो सेक्टर: 8 हजार करोड़ का कारोबार, एक लाख गाड़ियां बिकीं
ऑटोमोबाइल में भी धमाल मचा। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स (FADA) के अनुमान से दो दिनों में करीब एक लाख कारें बिकीं, कुल वैल्यू 8 हजार करोड़। सभी कैटेगरी में 20-25 फीसदी की सालाना ग्रोथ रही, जीएसटी 2.0 रिफॉर्म्स का असर। मारुति सुजुकी ने सबसे आगे रहते हुए 50 हजार कारें बेचने का टारगेट रखा—पिछले साल 42 हजार थीं। उनके एक्जीक्यूटिव पार्थो बनर्जी कहते हैं कि धनतेरस शनिवार-रविवार पर होने से कुछ लोग शनिवार को डिलीवरी टाल रहे, लेकिन रविवार को 10 हजार एक्स्ट्रा होंगी। हुंडई ने 14 हजार कारें डिलीवर कीं, जो 20 फीसदी ज्यादा। उनके MD तरुण गर्ग बोले कि फेस्टिवल स्पिरिट और मार्केट का बुलिश मूड जिम्मेदार है। बाकी कंपनियां जैसे टोयोटा, टाटा, महिंद्रा और किआ ने मिलकर 35 हजार कारें बेचीं। टोयोटा के हाइब्रिड और फॉर्च्यूनर, टाटा की नेक्सॉन-पंच, महिंद्रा की स्कॉर्पियो-एन और XUV700, किआ की सेल्टोस-सोनेट की अच्छी डिमांड रही।













