उत्तर प्रदेश के संभल से टैक्स चोरी का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। जहां मीट के कारोबारी हाजी ब्रदर्स नाम के दो भाईयों की कंपनी इंडिया फ्रोजन फूड्स पर आयकर विभाग ने छापा मारकर 500 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले का खुलासा किया है। ये छापेमारी पूरे 83 घंटे चली, यानी करीब चार दिन! नोएडा से लेकर यूपी के कई जिलों तक फैली ये कार्रवाई गुरुवार रात को ही खत्म हुई। करीब 500 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के अघोषित संपत्ति का पता चला है।
छापे में क्या-क्या बरामद हुआ?
आयकर विभाग की छापेमारी में संभल के इन मीट कारोबारियों के ठिकानों पर मोबाइल फोन जब्त किए गए, गौतमबुद्धनगर समेत कई जगहों पर जमीनों की रजिस्ट्रियां मिलीं। इनके अघोषित हिसाब-किताब का ब्योरा रखने वाली डायरियां भी मिली हैं। इन डायरीज में सब कुछ लिखा था कि पैसे कहां-कहां छिपाए गए। इसके अलावा 36 फर्जी कंपनियों के कागजात और उनके बैंक खातों से नकदी निकालने के रिकॉर्ड भी हाथ लगे। ये सब मिलकर बता रहे हैं कि टैक्स चोरी का जाल कितना बड़ा था। विभाग वाले कहते हैं, ये सबूत इतने मजबूत हैं कि केस पक्का हो गया।
मीट कारोबारियों के रिश्तेदारों के घरों तक पहुंची टीम ने कुछ भी छोड़ा नहीं। फोन चेक किए, दस्तावेज उलट-पलट किए। सोचो, इतनी मेहनत के बाद जो निकला, वो 500 करोड़ का घोटाला! ये भाई संभल में मीट का बड़ा बिजनेस चलाते हैं, लेकिन लगता है पर्दे के पीछे कुछ और ही खेल चल रहा था।
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बोगस कंपनियों का जाल
हाजी भाइयों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन का फायदा उठाकर दर्जनों बोगस फर्में खड़ी कर लीं। इनके नाम पर कारोबार दिखाकर सरकार को करोड़ों की चपत लगाई। यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में पशु तस्करों से जानवर खरीदे जाते, फिर पैसे बोगस कंपनियों के खातों से ट्रांसफर कर दिए जाते। सबूतों से साफ है कि ये सब टैक्स बचाने के लिए था। लखनऊ के एक सीनियर आयकर अधिकारी ने बताया, “कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों के बयान लिए गए। कुछ कर्मचारियों ने तो जान का डर बताकर मना कर दिया।” अब इन सबको दिवाली के बाद नोटिस देकर बुलाया जाएगा।
ये छापेमारी ने संभल के मीट बाजार को हिला दिया है। लोग बातें कर रहे हैं कि इतना बड़ा स्कैम कैसे छिपा रहा। विभाग की टीम अब इन दस्तावेजों को और गहराई से खंगाल रही है।











