Hamas Gaza Killings: गाजा में डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम तो करवा दिया है। बंधक भी रिहा हो गए हैं। लेकिन, गाजा में एक बार फिर से आतंक पसर गया है। ये आतंक आतंकी हमास के कारण है। गाजा पीस डील के बाद हमास के आतंकी हथियारों के साथ लड़कों पर उतर आए और उन सभी संदिग्धों को मौत के घाट उतार दिया, जिस पर भी उसे शक था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमास ने ये हत्याएं कथित तौर पर कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर की हैं। असल में हमास एक बार फिर से गाजा की सड़कों पर अपना नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है। गाजा की गलियों में हथियारों की चमक और चीखें फिर गूंज रही हैं। हमास अभी भी हथियार नहीं छोड़ने पर अड़ा है, जो हालात को और उलझा रहा है।
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ट्रंप को आतंकी हमास भी लगने लगा अच्छा
गाजा में हमास के आतंकियों के द्वारा शांति के नाम पर लोगों को मौत को घाट उतारने पर भी अब ट्रंप को आतंकी संगठन हमास भी अच्छा लगने लगा है। उन्होंने कहा कि हमास ने कई बुरे गिरोहों को साफ किया है। सच कहूं तो मुझे इससे कोई शिकायत नहीं। हालांकि, वे ये भी कहते हैं कि हमास को हथियार डालने ही पड़ेंगे, वरना हम उन्हें जबरन निहत्था कर देंगे। दरअसल, हमास अभी भी हथियार नहीं छोड़ने पर अड़ा है, जो हालात को और उलझा रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप की मध्यस्थता से बने इस संघर्ष विराम प्लान में हमास को हथियार छोड़कर सत्ता एक अंतरराष्ट्रीय बॉडी को सौंपनी है।
लोगों को इजरायल का जासूस बताकर हत्याएं कर रहा हमास
हमास के टेलीग्राम चैनलों पर दावा है कि मारे गए लोग इजरायल के गद्दार और जासूस थे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें हमास के जवान आठ लोगों को सड़क पर ही गोली मारते नजर आते हैं। मानवाधिकार ग्रुप्स जैसे अल मेजान सेंटर और पैलेस्टीनियन इंडिपेंडेंट कमीशन ने इसे बेरहमी से निशाना बनाया।

















