असम में मुस्लिमों के कारण वहां की डेमोग्राफी चेंज हो गई है। कई इलाकों में तो 100 प्रतिशत तक डेमोग्राफी चेंज हुआ है। इसको लेकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बड़ी बात कही है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश के आध्यात्म का केंद्र कहे जाने वाले माजुली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या लगभग 100% बढ़ चुकी है। यह वृद्धि बाहर से आए घुसपैठियों के कारण हुई है। असमिया हिंदू अब वहाँ स्वयं अल्पसंख्यक हो चुके हैं।
उन्होंने डेमोग्राफी चेंज को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने अपने ऐतिहासिक भाषण में कहा था कि देशभर में मुस्लिमों की जनसंख्या अप्रत्याशित तरीके से बढ़ी है। लेकिन देश में मुस्लिमों की ये जनसंख्या प्राकृतिक तरीके से नहीं बढ़ी है। इस जनसंख्या के बढ़ने का बड़ा कारण विदेशों से आए हुए लोग हैं।
माजुली – असम का आध्यात्मिक केंद्र – में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या लगभग 100% बढ़ चुकी है। यह वृद्धि बाहर से आए घुसपैठियों के कारण हुई है। असमिया हिंदू अब वहाँ स्वयं अल्पसंख्यक हो चुके हैं।
यह बात कड़वी ज़रूर है, लेकिन सच है। pic.twitter.com/sFuwzTuoCz
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) October 12, 2025
डेमोग्राफी मिशन चलाएगी भारत सरकार
सीएम सरमा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत सरकार डेमोग्राफी चेंज की समस्या से निपटने के लिए डेमोग्राफी मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस मिशन का उद्देश्य घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें डिलीट और डिपॉपुलेट करना है। ये पहली बार है जब भारत सरकार ने इस मामले में बहुत ही स्पष्ट तरीके से बोला है।
डेमोग्राफी चेंज का पीड़ित है असम
मुख्यमंत्री सरमा का कहना है कि असम डेमोग्राफी चेंज का पीड़ित है। 2021 की जनगणना की मानें तो राज्य में मुस्लिमों की जनसंख्या 38% को पार कर गई है। ऐसे में जब तक अगली जनसंख्या होगी, तो उसके लिए आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 2027 तक ये 1.5% तक ये और अधिक बढ़ चुकी होगी। ऐसे में अगर हम आज के हिसाब से जनसंख्या को कैलकुलेट करें तो असम में मुस्लिमों की जनसंख्या 39.5 % प्रतिशत से अधिक होगी। आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि माजुली में मुस्लिमों की जनसंख्या 100 प्रतिशत हो चुकी है।
इसलिए अगर हम मानें तो असम में मुस्लिम जनसंख्या करीब 40 फीसदी है, हिन्दू 60 और ईसाई करीब 6-7 फीसदी हैं। मुख्यमंत्री ने बड़ी बात कही कि अगर हम बाहरी राज्य़ों से आए हिन्दुओं को बाहर निकाल दें तो यहां के मूल असमी हिन्दू केवल 40 प्रतिशत ही रह जाएंगे। सीएम सरमा कहते हैं कि ये सभी आकंड़े 2011 की जनगणना के आधार पर बेस्ड हैं और ये हमारे लिए बहुत ही गंभीर विषय है।

















