अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जितना दूसरे देशों पर टैरिफ के जरिए नकेल कसने की कोशिश कर रहे हैं, उतना ही उनके देश को आर्थिक तौर पर घाटा होता जा रहा है। ताजा मामला उनके द्वारा चीन पर लगाए गए 100 प्रतिशत टैरिफ से जुड़ा है। इस टैरिफ का असर ये हुआ है कि अमेज़न, एनवीडिया और टेस्ला जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन एक झटके में 770 बिलियन डॉलर उड़ गया। ये अप्रैल के बाद का सबसे बड़ा सिंगल-डे फॉल था। नास्डैक 3.6% नीचे खिसक गया, एसएंडपी 500 में 2.7% की गिरावट आई।
ट्रंप ने चीन पर 100% टैरिफ की घोषणा की
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके कहा कि अमेरिका चीन पर 100% टैरिफ लगाएगा। ऊपर से, 1 नवंबर से क्रिटिकल सॉफ्टवेयर पर सख्त एक्सपोर्ट कंट्रोल्स भी शुरू हो जाएंगे। उन्होंने चीन पर रेयर अर्थ मिनरल्स पर रेस्ट्रिक्शन्स लगाकर आक्रामक ट्रेड टैक्टिक्स का आरोप लगाया। घोषणा के बाद एक्सटेंडेड ट्रेडिंग में अमेज़न, एनवीडिया और टेस्ला के शेयर 2% तक गिर गए। ये सब अप्रैल में ट्रंप के ‘रेसिप्रोकल’ ड्यूटी प्लान्स की याद दिला गया, जब मार्केट पहले भी डगमगाया था।
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल जैसे टेक जायंट्स पर भी जोरदार मार
एनवीडिया को सबसे ज्यादा चोट लगी – एआई मॉडल्स ट्रेनिंग के लिए ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाने वाली इस कंपनी का मार्केट कैप 229 बिलियन डॉलर घट गया। सितंबर के आखिर में तो ये पहली कंपनी बनी थी जिसका वैल्यूएशन 4.5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। अमेज़न का नुकसान 121 बिलियन डॉलर का हुआ, जो साल भर की कमाई को मिट्टी में मिला दिया। अब इसका स्टॉक 2025 में 2% नीचे है। अमेज़न माइक्रोसॉफ्ट से क्लाउड डेटा सेंटर्स में जीपीयू रेंट पर कॉम्पिटिशन करता है। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 85 बिलियन डॉलर कम हो गया, क्योंकि ये क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करता है। ओपनएआई, जो एनवीडिया के जीपीयू पर डिपेंड करता है, अभी भी डिमांड में है।
सितंबर में ओपनएआई ने सोरा 2 वीडियो क्रिएशन ऐप लॉन्च किया, और इस हफ्ते बताया कि चैटजीपीटी के 800 मिलियन से ज्यादा वीकली यूजर्स हैं। टेस्ला ने मंगलवार को लो-प्राइस्ड व्हीकल्स लॉन्च किए थे, लेकिन फिर भी इसका कैप 71 बिलियन डॉलर घटा। गूगल की पैरेंट अल्फाबेट 2% नीचे गया, जबकि फेसबुक ओनर मेटा करीब 4% लुढ़का। जुलाई में एनालिस्ट कॉल पर अमेज़न सीईओ एंडी जैसी ने टैरिफ चिंताओं पर बात की थी। ब्लूमबर्ग के बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, टेस्ला के एलन मस्क की नेट वर्थ 16 बिलियन डॉलर घटी, अमेज़न फाउंडर जेफ बेजोस और मेटा के मार्क जुकरबर्ग को 10-10 बिलियन का नुकसान, जबकि एनवीडिया के जेन्सन ह्वांग को 8 बिलियन डॉलर का झटका लगा।
क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार
टैरिफ की खबर ने क्रिप्टो वर्ल्ड को भी नहीं बख्शा। बिटकॉइन शनिवार को 8.4% गिरकर 104,782 डॉलर पर आ गया, जिससे पूरे क्रिप्टो मार्केट में 19 बिलियन डॉलर का सफाया हो गया। कोइंग्लास के मुताबिक, 24 घंटों में 1.6 मिलियन से ज्यादा ट्रेडर्स लिक्विडेट हो गए, जिसमें एक घंटे में 7 बिलियन डॉलर के पोजिशन्स बिक गए। ट्रंप का पोस्ट, जिसमें चाइनीज टेक एक्सपोर्ट्स पर 100% टैरिफ और सॉफ्टवेयर कंट्रोल्स की बात थी, ने सबको हिलाकर रख दिया।
















