पाकिस्तान और अफगानिस्तान तालिबान के बीच एक बार फिर से झड़प हुई है। तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की पोस्ट पर हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं। ये सब कुछ हफ्ते भर पहले पाकिस्तान के काबुल पर किए गए हवाई हमले के बाद हुआ। अफगानिस्तान के सीनियर तालिबान अफसरों ने कहा कि उन्होंने दो पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट हेलमंद प्रांत में कब्जे में ले ली हैं।
वहीं एक पाकिस्तानी गवर्नमेंट अफसर ने बताया, “आज रात तालिबान ने कई बॉर्डर पॉइंट्स पर फायरिंग शुरू की। हमने चार जगहों पर आर्टिलरी से जवाब दिया।” वो आगे बोले, “हम अफगान तालिबान की किसी भी आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी फोर्सेज ने भारी फायरिंग की और उनके कई पोस्ट्स को निशाना बनाया।” पाकिस्तानी आर्मी ने तोपें, टैंक, हल्के और भारी हथियार सब इस्तेमाल किए।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर अपनी धौंस दिखाने के लिए बीते गुरुवार को अफगान राजधानी काबुल में एयर स्ट्राइक की। वहां दो धमाके हुए। एक दक्षिण-पूर्व अफगानिस्तान में एक अन्य जगह। इस हमले को तालिबान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने पाकिस्तान पर “संप्रभुता का उल्लंघन” करने का इल्जाम लगाया। हालांकि, पाकिस्तान ने तो ना कन्फर्म किया ना इससे इंकार किया। पाकिस्तान अफगानिस्तान में छिपे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
आरोप है कि वह 2021 से सैकड़ों पाकिस्तानी सिपाहियों की जान ले चुका है। टीटीपी को अफगानिस्तान में ट्रेनिंग मिलती है, और वो अफगान तालिबान से आइडियोलॉजी शेयर करता है। पाकिस्तानी मिलिट्री स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “पाकिस्तान के लोगों की जान बचाने के लिए हम जो जरूरी है, वो कर रहे हैं और करते रहेंगे।”
हालांकि, असली सच्चाई ये है कि पाकिस्तान ने ही टीटीपी को तैयार किया और सोचा था कि वो इसके जरिए भारत को निशाना बनाएगा। लेकिन सांप तो सांप ही है, पालने वाले को भी डसता है।
डूरंड लाइन भी है विवाद का कारण
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड सीमा रेखा है। 2,600 किलोमीटर लंबी दुर्गम और पहाड़ी डूरंड लाइन है, जिसे अफगानिस्तान मानता ही नहीं। इस्लामाबाद के सिक्योरिटी एनालिस्ट इम्तियाज गुल कहते हैं, “ये जो कुछ घंटों में हुआ, वो दोनों देशों के बीच उबलते तनाव का नतीजा है।

















