विश्व की सबसे ऊंची चोटियों पर विजय हासिल करने वाली रक्षा बलों की 20 भारतीय पर्वतारोही महिलाएं
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विश्व की सबसे ऊंची चोटियों पर विजय हासिल करने वाली रक्षा बलों की 20 भारतीय पर्वतारोही महिलाएं

इन महिलाओं ने विश्व की विभिन्न चोटियों पर चढ़ाई कर न केवल अपना नाम भारत के पर्वतारोहण इतिहास में दर्ज कराया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बनीं।

Written byसुनीता मिश्रासुनीता मिश्रा — edited by Mahak Singh
Oct 11, 2025, 03:29 pm IST
in भारत
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

यह रिपोर्ट 2005 से 2025 के बीच रक्षा बलों की 20 भारतीय पर्वतारोही महिलाओं के साहस, धैर्य और अटूट इच्छा शक्ति पर आधारित है। जिन्होंने विश्व की विभिन्न चोटियों पर चढ़ाई कर न केवल अपना नाम भारत के पर्वतारोहण इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बनीं। 28 सितंबर 2025 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पहली ऑल-वुमन टीम ने असिस्टेंट कमांडेंड भनीता के नेतृत्व में लद्दाख में 7,135 मीटर ऊंची माउंट नून चोटी पर विजय हासिल की। कठिन मौसम और खतरनाक रास्तों को पार करते हुए उनके साथ 14 साहसी हिमवीरांगनाओं ने तिरंगा को फहराकर नया इतिहास रच दिया।

माउंट नून पर चढ़ने वाली पहली आईटीबीपी ऑल-वुमन टीम

आईटीबीपी की पहली ऑल-वुमन टीम ने इस वर्ष 28 सितंबर को असिस्टेंट कमांडेंड भनीता के नेतृत्व में लद्दाख में 7,135 मीटर ऊंची माउंट नून चोटी पर विजय हासिल कर इतिहास रचा। इस चढ़ाई में 14 हिमवीरांगनाओं ने चुनौतियों को पीछे छोड़ा। ये उपलब्धि पर्वतारोहण में नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देती है।

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली सीआईएसएफ महिला अधिकारी गीता समोटा

सीआईएसएफ की महिला उप-निरीक्षक गीता समोटा ने 19 मई 2025 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848) पर सफल चढ़ाई कर इतिहास रच दिया। वह ऐसा करने वाली सीआईएफएफ की पहली अधिकारी बन गई हैं। राजस्थान के सीकर जिले के चक गांव में जन्मी गीता की स्कूल और कॉलेजी की पढ़ाई स्थानीय संस्थानों में हुई। वह कॉलेज में हॉकी खेलती थीं, लेकिन एक चोट के कारण उन्होंने खेल का सफर वहीं रोक दिया। गीता वर्ष 2011 केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में शामिल हुई थीं। 2017 में उन्होंने पर्वतारोहण ट्रेनिंग पूरी की। गीता ने सातों महाद्वीप की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई करने को अपना लक्ष्य बनाया। 2022 की शुरुआत तक उन्होंने इनमें से चार पर सफलतापूर्वक चढ़ाई भी कर ली। इसके लिए उन्होंने महज 6 महीने और 27 दिन का समय लिया। इसके अलावा लद्दाख के रूपशु क्षेत्र में गीता ने 3 दिन में 5 चोटियों पर चढ़ाई की।

कांग यात्से पर चढ़ने वाली हिमाचल पुलिस की पहली महिला बिंदिया कौशल

हिमाचल प्रदेश पुलिस की वीरांगना कांस्टेबल बिंदिया कौशल ने 14 अगस्त 2025 को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर, रूस) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया। इसके साथ ही बिंदिया प्रदेश पुलिस की उन महिलाकर्मियों में शामिल हो गईं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहराया है। बिंदिया कौशल इससे पहले भी दो अन्य ऊंची चोटियों को फतह कर चुकी हैं। वह कांग यात्से चोटी (6,250 मीटर) लद्दाख पर चढ़ाई कर प्रदेश पुलिस की पहली महिला कांस्टेबल बनीं, जिन्होंने दो प्रमुख पर्वत चोटियों पर सफलता पाई। इसके अलावा उन्होंने यूनम चोटी (6,111 मीटर) लाहुल में 15 अगस्त, 2023 को तिरंगा फहराया और प्रदेश पुलिस की पहली महिला बनीं, जिसने यह उपलब्धि हासिल की।

कोज़्यूस्को पर तिरंगा फहराने वाली आरपीएफ की पहली महिला योद्धा पूनम कंवर

राजस्थान के सीकर जिले के झाड़ली की पर्वतारोही व रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएफ) की पूनम कंवर ने 31 मार्च 2025 को ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी कोज़्यूस्को (7,310 फीट) पर तिरंगा फहराकर एक नया इतिहास रच दिया है। माउंट कोज़्यूस्को पर पहुंचना बहुत मुश्किल है। इस कारण यहां पर विश्व के कुछ गिने-चुने लोग ही पहुंच पाए हैं, जिनमें से एक पूनम कंवर भी हैं।

लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ ने माउंट किलिमंजारो चोटी को चूमा

राजस्थान की बेटी दीपिका राठौड़ ने इस वर्ष जून में माउंट किलिमंजारो चोटी पर तिरंगा फहराकर देश को गौर​वान्वित किया। दुर्गम रास्ते, बर्फीली हवाएं, ऑक्सीजन की कमी और न जाने कितनी तकलीफें, लेकिन फिर भी दिलेर लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ ने हार नहीं मानी और माउंट किलिमंजारो चोटी को फतह कर लिया है। वह अब तक 4 चोटियों पर फतह कर चुकी हैं।

बीएसएफ महिला पर्वतारोहण अभियान

बीएसएफ इंस्टीट्यूट ऑफ एडवेंचर एंड एडवांस ट्रेनिंग सेंटर की 12 महिला पर्वतारोहियों की टीम ने वर्ष 2024 में माउंट मुकुट ईस्ट (7,130 मीटर) पर 10 सितंबर 2024 को तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया। इस अभियान का लक्ष्य महिला सशक्तीकरण व साहसिक खेलों में महिलाओं की भागीदारी के साथ स्वच्छ भारत के संदेश को भी प्रसारित करना था।

मध्य प्रदेश की महिला कांस्टेबल वर्षा पटेल ने माउंट कोसियसजको पर तिरंगा फहराया

मध्य प्रदेश के जबलपुर की महिला कांस्टेबल वर्षा पटेल ने 15 अगस्त 2024 को माउंट कोसियसजको पर भारतीय तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया। माउंट कोसियसजको (2,242 मीटर) ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी है। वर्षा पटेल यह उपलब्धि हासिल करने वाली मध्य प्रदेश पुलिस की पहली महिला कांस्टेबल हैं। वर्षा की माउंट कोसियसजको तक की यात्रा चुनौतियों से भरी रही, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई।

50 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ी महाराष्ट्र पुलिस की पहली महिला अधिकारी

महाराष्ट्र पुलिस अकादमी की पहली महिला अधिकारी द्वारका विश्वनाथ डोके ने 50 साल की उम्र में 22 मई, 2024 को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की उपलब्धि हासिल की है। वह माउंट एवरेस्ट अभियान पूरा करने वाली राज्य पुलिस बल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने तीन साल कड़ी मेहनत की और असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी।

महिला सैनिकों की आजादी का अमृत महोत्सव पर्वतारोहण अभियान

देश की महिला सैनिकों के एक पर्वतारोहण दल ने 15 अगस्त, 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश की मणिरंग चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया। 15 सदस्यीय इस अभियान दल का नेतृत्व भारतीय वायु सेना की विंगकमांडर भावना मेहरा ने किया था।

अंकिता चौधरी ने सियाचीन की बर्फीली पहाड़ियों की चोटी पर योग कर लिम्‍का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया

राजस्थान के सीकर जिले की बेटी अंकिता चौधरी ने वर्ष 2019 में सियाचीन की 19,022 फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियों की चोटी पर पहुंचकर योग कर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया। अंकिता आर्मी ज्वाइन कर मेजर के रैंक तक पहुंची हैं।

ओशिनिया की सबसे ऊंची चोटी को हरियाणा पुलिस की डीएसपी ममता सौदा ने फतह किया

हरियाणा के कैथल की बेटी ममता सौदा ने 22 मार्च 2019 को इंडोनेशिया के पश्चिमी पापुआ क्षेत्र में ओशिनिया की सबसे ऊंची चोटी कारस्टेंसज पिरामिड (4,884 मीटर) पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया। इससे पहले उन्होंने 2010 में माउंट एवरेस्ट, 2012 में माउंट एल्ब्रुस और 2013 में माउंट किलिमंजारो को फतह कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया था। भारत सरकार द्वारा 2014 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

गंगोत्री भागीरथी टू-चोटी पर सेना की महिला अधिकारियों ने योग कर बनाया विश्व कीर्तिमान

भारतीय सेना की 9 महिला अधिकारियों ने वर्ष 2018 में उत्तराखंड में गंगोत्री भागीरथी टू-चोटी पर सफल पर्वतारोहण किया। साथ ही उन्होंने वहां 21 जून को विश्व योग दिवस के अवसर पर 19 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर योग करने का नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया। बर्फ से ढकी चोटी और ऑक्सीजन की कमी के बीच भारतीय सेना की कैप्टन रिचन डोलमा, कैप्टन दीप्ति भट्ट, कैप्टन मुक्ता, कैप्टन अंकिता, कैप्टन नीतू, कैप्टन तान्या, कैप्टन भूमिका व कैप्टन अप्रचिता सहित नौ महिला सैन्य अधिकारियों इस मुश्किल मिशन को अंजाम दिया।

चीन की ओर से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली सब-इंस्पेक्टर अनीता कुंडू

हरियाणा के हिसार जिले में जन्मीं पर्वतारोही अनीता कुंडू ने विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट को तीन बार फतह किया। अनीता कुंडू साल 2008 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुई थीं। वह नेपाल (2013) और चीन ( 21 मई, 2017) दोनों मार्गों से एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारतीय महिला हैं। साल 2009 और 2011 के बीच अनीता ने माउंट सतोपंथ और माउंट कोकस्टेट सहित चुनौतीपूर्ण शिखरों पर चढ़ाई की। अनिता को पर्वतारोही के साथ शाकाहारी होने के कारण कई बाधाओं का सामना करना पड़ा।

राधिका माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली दक्षिण भारत की पहली महिला पुलिस अधिकारी

तेलंगाना में आदिलाबाद जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जी.आर. राधिका ने वर्ष 2016 में माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर सफलतापूर्वक फतह करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। राधिका दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने वाली दक्षिण भारत की पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं। दो बच्चों की मां राधिका ने इससे पहले 7 सितंबर, 2015 को 10 दिनों से अधिक कठिन चढ़ाई के बाद 7 हजार से अधिक ऊंचे कुन पर्वत पर विजय हासिल की थी।

दुनिया के सातों महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों और साउथ पोल को फतह करने वाली पहली महिला आईपीएस अपर्णा कुमार

2002 बैच की महिला आईपीएस अफसर अपर्णा कुमार ने दुनिया के सातों महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों और साउथ पोल को फतह किया। ऐसा करने वाली वह पहली महिला आईपीएस हैं। उन्होंने 21 मई 2016 को दुनिया की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।

भारतीय सेना की मेजर नेहा भटनागर ने पर्वतारोहण में नाम रोशन किया

राजस्थान के जयपुर के श्याम नगर में रहने वाली नेहा भटनागर भारतीय सेना में मेजर हैं। उन्होंने 22 मार्च 2012 से 26 मई 2012 तक चले अभियान में माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) की चोटी पर विजय हासिल की। ऐसा करने वाली नेहा जयपुर की पहली आर्मी ऑफिसर बन गई हैं। सेना में ऐसा करने वाली वो दूसरी महिला ऑफिसर हैं।

माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली नागा महिला मेजर (डॉ.) नीख्रीतुओनुओ लिन्यू

नागालैंड की मेजर (डॉ.) नीख्रीतुओनुओ लिन्यू ने 25 मई, 2012 को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर राज्य और देश को गौरवान्वित किया। लिन्यू यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली नागा महिला बन गईं। कोहिमा के पेलहाउसेन्यु लिन्यू की बेटी नीख्रीतुओनुओ ने अपनी स्कूली शिक्षा कोहिमा के डॉन बॉस्को हायर सेकेंडरी स्कूल से की और कोहिमा साइंस कॉलेज, जोत्सोमा से पीयू पास करने के बाद रिम्स, इम्फाल से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। मेजर लिन्यू 2001 में भारतीय सेना में शामिल हुई थीं।

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय वायुसेना महिला अधिकारी निवेदिता चौधरी

राजस्थान की निवेदिता चौधरी ने 21 मई, 2011 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर फतह हासिल की। इसकी चढ़ाई आसान नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने तमाम परेशानियों को पार करके माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा लहराया। निवेदिता चौधरी यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला अफसर हैं।

भारतीय वायुसेना निरुपमा पांडे ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

भारतीय वायुसेना की निरुपमा पांडे ने 25 मई 2011 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर भारतीय तिरंगा फहराया। बिहार में जन्मी निरुपमा ने वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर नौकरी ज्वाइन कर महिला सशक्तीकरण का उदाहरण पेश किया। उन्होंने ऐसा करके न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया। निरुपमा को कॉलेज के दिनों से ही ट्रैकिंग का काफी शौक था। इसी वजह से उन्होंने कॉलेज में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) को भी ज्वाइन किया था।

भारतीय सेना की पहली महिला पर्वतारोहण टीम ने एवरेस्ट पर विजय हासिल की

भारतीय सेना की महिला पर्वतारोहियों ने 2 जून 2005 को 8,848 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर इतिहास रच दिया। यह उत्तरी को मार्ग (चीनी मार्ग) से एवरेस्ट पर पहुंचने वाली सेना की पहली महिला टीम बनी। शिखर फतह कर उन्होंने साहस, अनुशासन और संकल्प का परिचय दिया।

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सुनीता मिश्रा
सुनीता मिश्रा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री। इग्नू दिल्ली से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री। पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव। [Read more]
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