भारत में अरबपतियों के मामले में दुनिया में चौथे नंबर का देश हो गया है। यहां 2024 में 284 अरबपति थे, जो कि इसके पिछले साल के 169 के आंकड़े से काफी अधिक हो गया है। इनकी कुल संपत्ति करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर है, जो दक्षिण कोरिया की जीडीपी के बराबर है। लेकिन ये सारी दौलत बस दस राज्यों में ही सिमटी हुई है। बाकी 26 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी अरबपति नहीं है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 के मुताबिक, 93% अरबपति महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश समेत 10 राज्यों में हैं।
इसके अलावा भी कई अन्य राज्यों में तेजी से विकास हो रहा है। लेकिन, बाकी जगहों पर आर्थिक मौके, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस का माहौल इतना मजबूत नहीं कि कोई अरबपति बन सके। लेकिन इतना तो है कि सरकार के द्वारा बिजनेस सेक्टर को काफी मजबूती दी गई है, जिससे ये संभव हो सकता है।
आंकड़े जो चौंका देंगे
भारत दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा अरबपतियों वाला देश है – अमेरिका, चीन और रूस के बाद। इनकी संपत्ति 2023 से 2024 के बीच 117% बढ़ गई। सबसे अमीर मुकेश अंबानी हैं, जिनकी नेट वर्थ 119.7 बिलियन डॉलर है। उसके बाद गौतम अडानी (100.2 बिलियन) और शिव नादर (41 बिलियन)। औसत उम्र 66 साल है, और महिलाएं? सिर्फ 20 हैं, यानी कुल का 7%। शहरों की बात करें तो 88% अरबपति बस 10 शहरों में रहते हैं – मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु टॉप पर। इनकी कुल संपत्ति जीडीपी का 3.8% है, जो अमेरिका (28%) से कम लेकिन चीन (2.5%) से ज्यादा है।
राज्यों के हिसाब से बंटवारा
महाराष्ट्र: 124 अरबपति, सबसे ज्यादा। मुंबई में ही 82 रहते हैं।
दिल्ली: 28 अरबपति।
तमिलनाडु: 22 अरबपति।
कर्नाटक: 20 अरबपति।
गुजरात: 18 अरबपति।
हरियाणा: 15 अरबपति।
तेलंगाना: 12 अरबपति।
उत्तर प्रदेश: 10 अरबपति।
पश्चिम बंगाल: 8 अरबपति कोलकाता में।
मध्य प्रदेश: 6 अरबपति इंदौर बिजनेस सिटी।
संपत्ति के स्रोत: कहां से आया ये पैसा?
फाइनैंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 39% अरबपतियों ने ऑटोमोबाइल, केमिकल्स, फार्मा जैसे सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग से कमाई की है। इसके अलावा सर्विसेज से 27% संपत्ति आई। इसमें आईटी, फाइनेंस, रियल एस्टेट जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा रिटेल, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी वाले सेक्टरों में अरबपति निकले हैं। 2024 में 112 नए अरबपति बने, ज्यादातर टेक और ई-कॉमर्स से।











