नई दिल्ली, (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बार विजयदशमी का पर्व गुजरात के भुज मिलिट्री स्टेशन पर सैनिकों के साथ मनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान का अगला कोई भी दुस्साहस हुआ तो इतिहास और भूगोल बदलने लायक कड़ा जवाब मिलेगा।
जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शस्त्रों की पूजा का यह दिन केवल हमारे व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। जब एक राष्ट्र के रूप में हम अपने शस्त्रों का सम्मान करते हैं, तो हम केवल हथियारों का नहीं, बल्कि हम अपनी सामूहिक शक्ति, अपनी सुरक्षा और अपनी स्वतंत्रता का भी सम्मान कर रहे होते हैं। आज अपनी ‘आत्मनिर्भरता’ के संकल्प से भारत शस्त्रों का सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक भी बन रहा है। थल सेना, वायु सेना और नौसेना हमारी शक्ति के तीन स्तंभ हैं। जब ये तीनों सेनाएं मिलकर कार्य करती हैं, तभी हम हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं। हमारी सरकार लगातार अपनी सेनाओं के एकीकरण पर जोर दे रही है।
पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को एक्सपोज किया
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की कोशिश की, लेकिन भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज कर दिया। भारत ने दुनिया को संदेश दे दिया कि भारत की सेनाएं जब चाहें, जहां चाहें और जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। अपने सामर्थ्य के बावजूद हमने संयम का परिचय दिया, क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के विरोध में थी। इसको आगे बढ़ाकर जंग छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य नहीं था, मगर आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी भी जारी है।
पाकिस्तान की नीयत में खोट
रक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है, उसकी नीयत साफ नहीं है। जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना सैन्य ढांचा बढ़ाया है, उससे उसकी नीयत का पता चलता है। राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी कि भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ मिलकर मुस्तैदी से कर रही है। कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर गुजरता है। अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत की गई, तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा।

















