ओडिशा राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन चरन माझी की अध्यक्षता में सोमवार को तीन विभागों से जुड़े चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें श्रम कल्याण, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन से संबंधित अहम फैसले शामिल हैं। इन निर्णयों से राज्य के मजदूरों, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
श्रम कानून संशोधन : 48 घंटे साप्ताहिक कार्य और ओवरटाइम लाभ
कैबिनेट की बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय ओडिशा दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1956 और कारखाना अधिनियम, 1948 में संशोधन को मंजूरी देना रहा। संशोधित प्रावधानों के अनुसार कर्मचारियों की दैनिक कार्य अवधि 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दी गई है, जबकि साप्ताहिक सीमा 48 घंटे ही रखी गई है।
निर्धारित सीमा से अधिक काम करने वाले कर्मचारियों को अब नियमित वेतन की दोगुनी दर पर ओवरटाइम मिलेगा। साथ ही, तिमाही ओवरटाइम सीमा को बढ़ाकर 144 घंटे कर दिया गया है, जिससे नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को अधिक लचीलापन मिलेगा। कर्मचारी कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी कर्मचारी लगातार 6 घंटे से अधिक बिना कम से कम आधे घंटे के विश्राम के काम नहीं कर सकेगा। संशोधन के तहत प्रतिष्ठानों को वर्ष के सभी 365 दिन चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति भी दी गई है, जिससे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है।
कार्यस्थल पर महिला सशक्तिकरण
एक ऐतिहासिक कदम के तहत अब महिला कर्मचारियों को रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में काम करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते वे अपनी लिखित सहमति दें। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित शर्तों के अनुसार महिलाएं कार्य कर सकेगीं । यह निर्णय कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके साथ ही, 20 या उससे अधिक कर्मचारियों को रोजगार देने वाले प्रतिष्ठान अब कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अधिनियम, 1948 के दायरे में आ जाएंगे। इससे अधिक श्रमिकों को स्वास्थ्य बीमा और अन्य लाभों का फायदा मिलेगा। सभी दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए ओड़िया भाषा में नामपट्ट प्रदर्शित करना भी अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे राज्य की भाषा और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री माझी ने कहा किचार प्रस्तावों की मंजूरी ओडिशा में श्रमिक कल्याण, शिक्षा के बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये फैसले समाज के अनेक वर्गों के कल्याण को सुनिश्चित करेंगे।”
शिक्षा क्षेत्र में नई पहल : गोदाबरिश आदर्श प्राथमिक विद्यालय योजना
जमीनी स्तर पर शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने गोदाबरिश आदर्श प्राथमिक विद्यालय योजना को मंजूरी दी। यह योजना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुरूप प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक मॉडल प्राथमिक विद्यालय स्थापित करने पर केंद्रित है। पहले चरण में तीन वर्षों के भीतर 2,200 विद्यालयों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर अनुमानित 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक विद्यालय पर 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। पहले चरण के पूरा होने के बाद इस योजना का विस्तार कर राज्य की सभी पंचायतों को कवर किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा : घटगांव तारिणी मंदिर परियोजना
धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मंत्रिमंडल ने केन्दुझर जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ घटगांव तारिणी मंदिर विकास परियोजना को मंजूरी दी। इस योजना पर 226 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 69 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। परियोजना के तहत 246 श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता वाला धर्मशाला, एक विशेष नारियल भंडार और 500 सीटों की क्षमता वाला बहुउद्देश्यीय सभागार का निर्माण शामिल है। इस योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करना और ओडिशा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक को आधुनिक स्वरूप प्रदान करना है।

















