थिएटर कमांड: चीन-पाक चुनौतियों के बीच सेनाओं का इंटीग्रेशन: एक राष्ट्र, एक सेना का सपना
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थिएटर कमांड: चीन-पाक चुनौतियों के बीच सेनाओं का इंटीग्रेशन: एक राष्ट्र, एक सेना का सपना

चीन-पाकिस्तान की बढ़ती चुनौतियों के बीच थिएटर कमांड्स से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना का इंटीग्रेशन तेज। एक राष्ट्र, एक सेना का सपना साकार करने के लिए संयुक्त ट्रेनिंग, संसाधन साझा और क्रॉस-पोस्टिंग पर जोर। रक्षा मजबूत कैसे बनेगी?

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Sep 30, 2025, 08:11 am IST
inभारत, रक्षा
Theatre command of military

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को एक छतरी के नीचे लाने की कोशिशें अब जोर पकड़ रही हैं। थिएटराइजेशन, यानी थिएटर कमांड्स की स्थापना से पहले, ये तीनों सेनाएं आपस में घुलमिल रही हैं ताकि जंग के मैदान में सब एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ सकें। पहले हर सेना अपने-अपने तरीके से काम करती थी, लेकिन अब संसाधनों का सही इस्तेमाल और तेज कार्रवाई के लिए सब कुछ साझा हो रहा है। कोलकाता में हाल ही में हुई संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री ने खुद हिस्सा लिया, जहां बड़े फैसले हुए। जैसे, एक एकीकृत त्रि-सेवा शिक्षा कोर बनाना और पहले चरण में तिरुवनंतपुरम, विशाखापत्तनम व गांधीनगर में तीन संयुक्त सैन्य स्टेशन खोलना। ये कदम सेनाओं को मजबूत बनाने के लिए हैं, जहां उपकरणों को एक जैसा करना, खरीदारी का साझा चेन बनाना, ज्वाइंट ट्रेनिंग बढ़ाना और अफसरों की आपसी पोस्टिंग ज्यादा करना शामिल है। सोशल मेलजोल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि सब एक-दूसरे की कार्य संस्कृति समझें।

थिएटर कमांड की आवश्यकता क्यों?

थिएटर कमांड्स आने से पहले, तीनों सेनाओं को एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियां अच्छे से समझनी पड़ रही हैं। द इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक, किसी भी ऑपरेशन की प्लानिंग से ही त्रि-सेवा जरूरतों को शामिल किया जा रहा है। लेकिन अभी भी थिएटर कमांड्स की स्ट्रक्चर पर तीनों सेनाओं में सहमति नहीं बनी है। ये समझ बढ़ाने से भविष्य में गलतियां कम होंगी और सब मिलकर बेहतर रणनीति बना सकेंगे। पड़ोसी देशों जैसे चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य हलचल ने इसकी जरूरत और ज्यादा महसूस कराई है। अमेरिकी मॉडल से प्रेरित ये कॉन्सेप्ट लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन अब एक्शन मोड में आ गया है।

संयुक्त प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम में बदलाव

अब जोर संयुक्त ट्रेनिंग पर है, ताकि हर अफसर और जवान एक-दूसरे के हथियारों और मशीनों से वाकिफ हो जाएं। जैसे आर्मी का अफसर नेवी के जहाज चलाने की ट्रिक सीखे, या एयर फोर्स वाला ग्राउंड ऑपरेशन समझे। इसके लिए कुछ कोर्सेज में सीटें बढ़ाई जा रही हैं और सिलेबस में बदलाव हो रहा है, जहां तीनों सेनाओं के लोग साथ-साथ पढ़ेंगे। ये बदलाव सेनाओं को इंटरऑपरेबल बनाएंगे, यानी सबका सामान एक-दूसरे के साथ आसानी से जुड़ेगा।

इसे भी पढ़ें: स्वतंत्र होने के करीब बलूचिस्तान, 95% क्षेत्र पर नियंत्रण, पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात, सेना पीछे हटी 

संचार और डेटा-शेयरिंग पर फोकस

कहा जाता है कि जिस स्तर पर तीनों सेनाओं के बीच कम्युनिकेशन होना चाहिए, वो अभी भी सीमित है। लेकिन इसे बड़ा करने की योजना है ताकि डेटा शेयरिंग बिना रुकावट हो। कुछ पुरानी परंपराओं को धीरे-धीरे खत्म या स्टैंडर्डाइज किया जा रहा है। सोशल इंटरैक्शन बढ़ाने से अफसर एक-दूसरे की कामकाजी स्टाइल समझ रहे हैं। सभी लेवल पर क्रॉस-पोस्टिंग बढ़ेगी, उपकरण स्टैंडर्ड होंगे, सप्लाई चेन सरल बनेगी और स्पेयर पार्ट्स का मैनेजमेंट आसान होगा। कोलकाता कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “एक राष्ट्र, एक सेना का कॉन्सेप्ट साकार करने के लिए एकता जरूरी है।”

गोपनीय रिपोर्टों के स्वरूप में बदलाव

अफसरों की सालाना गोपनीय रिपोर्ट्स का फॉर्मेट बदलने पर विचार हो रहा है। अब इसमें सिर्फ अपनी सेना के काम नहीं, बल्कि त्रि-सेवा अनुभव और जरूरतें भी शामिल होंगी। पिछले कुछ सालों में क्रॉस-पोस्टिंग, जॉइंट लॉजिस्टिक्स नोड्स बनाना, ट्रेनिंग और रिक्रूटमेंट में कोऑर्डिनेशन बढ़ा है। ये सब एक कॉमन माइंडसेट, शेयर्ड स्ट्रैटेजी और इंटीग्रेटेड सिस्टम बनाने के लिए हैं।

 

Topics: Theatre CommandsIntegration of ServicesOne Nation One ArmyChina Pakistan Military ChallengesIndian Theatre Commandsथिएटर कमांडTri-Services Integrationसेनाओं का इंटीग्रेशनएक राष्ट्र एक सेनाचीन पाकिस्तान सैन्य चुनौतियांभारतीय थिएटर कमांड्सत्रि-सेवा एकीकरण
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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