भारत से करीब 5100 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में स्थित अफ्रीकी द्वीपीय देश मेडागास्कर में भी हालात बिगड़े हुए हैं। वहां की भी सरकार गिर गई है। केन्या और नेपाल के कथित Zen-Z की तर्ज पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश के राष्ट्रपति एंड्री राजोएलीना ने राज्य प्रसारक टेलेविज़ोना मालागासी पर एक भाषण में पूरी सरकार को भंग करने का ऐलान कर दिया। कहा जा रहा है कि पानी और बिजली की कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर युवाओं की अगुवाई में भड़के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद ये फैसला लिया गया। संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में कम से कम 22 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हुए।
एक सप्ताह औऱ एक सरकार ध्वस्त
ये प्रदर्शन केन्या और नेपाल के ‘जन जेड’ आंदोलनों से प्रेरित हैं। राजोएलीना की सरकार 2023 में चुनी गई थी। ये सब पिछले हफ्ते से शुरू हुआ, जब राजधानी एंटानानारिवो में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। ज्यादातर युवा थे, काले कपड़ों में राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाते दिखे। एक यूनिवर्सिटी के पास इकट्ठा होकर वे राष्ट्रीय गान गा रहे थे, तख्तियां लहरा रहे थे, और शहर के बीचों-बीच मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।
देशभर में कर्फ्यू का माहौल है। यूएन का कहना है कि कुछ मौतें सुरक्षाबलों की ‘हिंसक प्रतिक्रिया’ से हुईं, तो बाकी गैंगों की हिंसा और लूटपाट से। मेडागास्कर की विदेश मंत्रालय ने यूएन के आंकड़ों को ‘अफवाहों’ पर आधारित बताकर खारिज कर दिया।
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राष्ट्रपति की सफाई
राष्ट्रपति राजोएलीना ने अपने भाषण में लोगों की तकलीफ को महसूस किया। उन्होंने कहा, “मैं गुस्से को समझता हूं, दुख को, और बिजली-पानी की कटौती से रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़े असर को। मैंने पुकार सुनी, दर्द महसूस किया।” साथ ही, सरकार के सदस्यों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के लोग अपने काम ठीक से नहीं कर पाए, तो हम मानते हैं और माफी मांगते हैं।
नए प्रधानमंत्री के लिए मांगे आवेदन
उन्होंने अगले तीन दिनों में नए प्रधानमंत्री के लिए आवेदन मंगवाए, ताकि नई सरकार बन सके। युवाओं से बातचीत का वादा किया और लूट प्रभावित कारोबारों को मदद का भरोसा दिलाया।
युवाओं का आंदोलन: केन्या-नेपाल से सीख
ये प्रदर्शन तीन दिनों तक चले, और युवाओं ने ऑनलाइन तरीके अपनाए, जैसे केन्या में टैक्स बिल रद्द करवाने के लिए हुआ। नेपाल का झंडा भी लहराया गया, जहां इसी महीने प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। लोग कर्फ्यू के बावजूद सड़कों पर थे, पुलिस की गोलियों का सामना कर रहे। ये सिर्फ पानी-बिजली की शिकायत नहीं, बल्कि गहरी नाराजगी का इजहार था।मेडागास्कर की पुरानी कहानीदुनिया के सबसे गरीब देशों में शुमार मेडागास्कर में 1960 में आजादी मिलने के बाद से विद्रोहों का सिलसिला चला आ रहा। राजोएलीना 2009 के तख्तापलट से सत्ता में आए, 2014 में हटे, फिर 2018 में चुनाव जीते। 2023 का तीसरा टर्म विपक्ष ने अनियमितताओं का आरोप लगाया। 2009 में मार्क रावलोमानाना के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए थे, जो उन्हें सत्ता से हटाने में कामयाब रहे।














