भारत में बने मैसेजिंग ऐप अराटाई (Arattai) ने धीरे-धीरे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और थ्रेड्स जैसे लोकप्रिय ऐप्स को चुनौती देना शुरू कर दिया है। जोहो (Zoho) कंपनी ने इस ऐप को 2021 में लॉन्च किया था और अब चार साल बाद, यह ऐप भारत में सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद मैसेंजर के रूप में लोकप्रिय हो रहा है।
अराटाई क्यों है खास- अराटाई पूरी तरह से “मेड इन इंडिया” प्लेटफॉर्म है। “अराटाई” एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ है “गपशप” या “चिट-चैट।” इसमें वन-ऑन-वन चैट, ग्रुप चैट, वॉयस और वीडियो कॉल, फ़ाइल शेयरिंग, स्टेटस अपडेट और चैनल ब्रॉडकास्ट जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। यह न सिर्फ स्मार्टफोन पर चलता है बल्कि डेस्कटॉप और एंड्रॉइड टीवी पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अराटाई खुद को “स्पाइवेयर-मुक्त” ऐप बताता है। इसका मतलब है कि यह न तो यूजर का डेटा ट्रैक करता है और न ही बेचता है। ज़ोहो का कहना है कि यह ऐप पूरी तरह गोपनीयता-संचालित है और किसी भी तरह से व्यक्तिगत डेटा का इस्तेमाल कमाई के लिए नहीं करता।
चुनौतियां- हालांकि अराटाई तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी बाकी हैं- चैट अभी पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड नहीं हैं। अचानक यूजर बढ़ने से सर्वर पर दिक्कतें आई हैं, जैसे- कॉन्टैक्ट सिंक में देरी।
भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अराटाई को एक स्थानीय डिजिटल विकल्प के रूप में सुझाया है। कई टेक विशेषज्ञ इसे “भारत का व्हाट्सएप किलर” तक कह रहे हैं। भारत में व्हाट्सएप के लगभग 500 मिलियन से ज्यादा यूजर हैं। इतने बड़े आंकड़े के बीच अराटाई को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। लेकिन अगर जोहो कंपनी समय पर नई सुविधाएं जोड़ती है और गोपनीयता पर भरोसा बनाए रखती है, तो अराटाई को भविष्य में व्हाट्सएप जैसी बड़ी सफलता मिल सकती है।











