नई दिल्ली । आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य मुस्लिम संगठनों ने वक़्फ़ कानून में संशोधनों के विरुद्ध एक व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने आज कहा कि वक़्फ़ संशोधन कानून के विषय में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का तो आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द ने स्वागत किया था। इसके बावजूद, सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा किये बिना आंदोलनों की घोषणा की गयी है।
अंतरिम आदेश के बावजूद आंदोलन : हिंसा की आशंका
उन्होंने कहा- यह विचित्र है कि एक तरफ तो मुस्लिम संगठन न्यायालय के समक्ष इस कानून को चुनौती दे रहे हैं और वहीं सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा किये बिना देश-व्यापी आंदोलन छेड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि अभी बारावफ़ात (मिलाद-उन-नबी) के कार्यक्रमों के दौरान अनेक स्थानों पर हिंसा हुई है। उसके बाद भी देश में अनेक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों और जुलूसों में हिंसा के समाचार सामने आ रहे हैं।
विहिप का चेतावनी, आंदोलनकर्ताओं की जिम्मेदारी
विश्व हिन्दू परिषद् को यह आशंका है कि वक़्फ़ संशोधन कानून के खिलाफ आयोजित आंदोलनों में बड़ी मात्रा में हिंसा और तोड़फोड़ हो सकती है। यह देश और सामाजिक सौहाद्र के लिए बड़ा खतरा होगा। इस खतरे को टालने की जिम्मेदारी, सबसे अधिक तो इस आंदोलन का आयोजन करने वाले लोगों की होगी। यह उनकी जिम्मेदारी है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण हों और इनमे सरकारी और अन्य सम्पत्तियों पर तोड़फोड़, दंगा और मारपीट न हो।
सरकारी से तैयारी और समाज से सतर्कता की अपील
विहिप अध्यक्ष ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारों को सब प्रकार की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारी करना आवश्यक है। इन कार्यक्रमों के आयोजन, फैलाई जा रही उत्तेजना, कानून व्यवस्था और सामाजिक संबंधों को चुनौती देने वाले सोशल मीडिया अभियानों पर नजर रख कर कानून और व्यवस्था बनाये रखने और सब प्रकार की परिस्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयत्न किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा- हम समाज का भी आह्वान करते हैं कि वह घृणा और उन्माद के इस अभियान को देखते हुए आत्मरक्षा के लिए सतर्क रहे और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठायें।
AIMPLB का विरोध आंदोलन
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक़्फ़ संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में एक दिन के लिए देश के मुसलमानों से अपनी दुकानें और संस्थानों को बंद रखने के लिए कहा है। सोशल मीडिया पर इसे भारत बंद कहा जा रहा है।
प्रदर्शन और ज्ञापन
इसी तरह एक अन्य दिन मुस्लिम समाज दिल्ली और प्रांतों की राजधानियों में प्रदर्शन करके गिरफ़्तारी देगा। मुस्लिम समाज दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और राज्यों में राज भवनों की तरफ मार्च निकालेगा। इसी प्रकार सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन देने की बात कही गयी है।












