नई दिल्ली: लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (DGP) एसडी सिंह जामवाल ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के भड़काऊ भाषणों से केंद्र शासित प्रदेश में हिंसा हुई। जिसमें चार लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में नागरिक, पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल के अधिकारी घायल हुए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक बांग्लादेश का भी दौरा कर चुके हैं। जिसकी जांच की जा रही है।
सोनम वांगचुक के संपर्क में था पाक पीआईओ
डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पड़ोसी देशों की यात्राओं पर भी सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हाल ही में एक पाकिस्तानी पीआईओ को गिरफ्तार किया है जो वांगचुक के संपर्क में था। उसे उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह पाकिस्तान में रिपोर्टिंग कर रहा था। हमारे पास इसका रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक पाकिस्तान में डॉन के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
सोनम वांगचुक का लोगों को भड़काने का रहा है इतिहास
डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का लोगों को भड़काने का इतिहास रहा है। उन्होंने अरब स्प्रिंग, नेपाल और बांग्लादेश का जिक्र किया है। एफसीआरए उल्लंघन के लिए उनके वित्तपोषण की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने भड़काऊ भाषण दिया था जिसके कारण हिंसा हुई।
गिरफ्तारी के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल में है वांगचुक
जामवाल ने सोनम वांगचुक पर केंद्र के साथ बातचीत को पटरी से उतारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के साथ ही कुछ तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ता ने भी मंच हाईजैक करने की कोशिश की। सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार करने के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है।
गौरतलब है कि 24 सितंबर को लेह में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां के भाजपा कार्यालय में आग लगा दी थी। हिंसक विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी।
सोनम वांगचुक ने क्या विवादित बयान दिया जिससे भड़की हिंसा
केंद्र सरकार ने भी लद्दाख हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है। वांगचुक ने लेह में हो रहे प्रदर्शन को ‘जेन-जेड क्रांति’ बताया था और इसकी तुलना नेपाल से की थी। उन्होंने अपने भाषणों में अरब स्प्रिंग शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल की Gen-Z क्रांति का जिक्र कर युवाओं को गुमराह किया था।














