हल्द्वानी । कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत के आकस्मिक निरीक्षण ने हल्द्वानी तहसील की कार्यप्रणाली की हकीकत को उजागर कर दिया। शिकायतों की पुष्टि के लिए पहुंचे कमिश्नर ने तहसीलदार के साथ उत्तर उजाला स्थित कानूनगो अशरफ अली के घर पर छापा मारा, जहां सरकारी फाइलों और रजिस्टरों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। जांच से सामने आया कि कानूनगो तहसील दफ्तर की बजाय घर पर ही सरकारी फाइलें रखे हुए थे।
घर से रिपोर्ट लगाने और फाइलें लंबित करने के आरोप
कानूनगो अशरफ अली पर आरोप है कि वे तहसील कार्यालय में उपस्थित रहने के बजाय घर बैठकर रिपोर्ट लगाते थे। फाइलों को जानबूझकर लंबित कर देरी करने के भी आरोप लगे हैं। अपुष्ट सूचनाओं के मुताबिक, लंबे समय से यहां तैनात कानूनगो पर भ्रष्टाचार करने और फाइलों में हेरफेर की शिकायतें लगातार कमिश्नर दीपक रावत तक पहुंच रही थीं।
छापे की कार्रवाई से तहसील प्रशासन में मचा हड़कंप
कमिश्नर दीपक रावत की इस छापेमारी जैसी कार्रवाई से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह भी सामने आया कि कानूनगो अशरफ अली पूर्व में भी कई बार विवादों में घिर चुके हैं। इस घटना ने तहसील प्रशासन की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासन की छवि पर भी असर पड़ा है।
143 मामलों की फाइलें घर से बरामद
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर दीपक रावत ने पाया कि भूमि संबंधी लैंड यूज चेंज से जुड़े 143 के कई मामले लंबित थे। जब तहसील कार्यालय में फाइलें नहीं मिलीं, तो जानकारी मिली कि ये फाइलें कानूनगो के घर पर रखी हैं। घर पहुंचने पर फाइलें बरामद की गईं और यह भी सामने आया कि बिना मौका मुआयना किए कानूनगो घर से ही रिपोर्ट लगा रहे थे।
कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश
कमिश्नर दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल को प्रशासनिक जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कानूनगो अशरफ अली के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीएम नैनीताल को निर्देशित किया जा रहा है। इस कार्रवाई ने तहसील प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक सख्त संदेश दिया है।

















