भुवनेश्वर। ओडिशा में नये तरीके से गोमांस तस्करी का मामला सामने आया है। तस्कर वाहन में चोकर की बोरियों के नीचे गोमांस ले जा रहे थे। पुलिस ने 32 साल के आरोपी एस. के जाहिद को गिरफ्तार कर लिया है। वह पुरी जिले के काकटपुर थाना क्षेत्र के रसुलपुर गांव का रहने वाला है। यह मामला खोर्धा जिले के जटनी थाना क्षेत्र के बेणापंजरी इलाके का है।
गौरतलब है कि गौ तस्कर और गोमांस तस्कर पुलिस व प्रशासन को चकमा देने के लिए नये तरीके ईजाद कर रहे हैं। जहां पुलिस और प्रशासन गौ और गोमांस तस्करों पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है, वहीं तस्कर नये तरीकों से गोमांस की तस्करी कर रहे हैं।
खोर्धा से आंध्र प्रदेश जा रहा था वाहन, चोकर के नीचे था गौमांस
गोमांस तस्कर वाहन में चोकर की बोरियां भरकर जा रहे थे लेकिन उसके नीचे गोमांस था। यह वाहन खोर्धा से आंध्र प्रदेश जा रहा था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि विशेष सूत्रों से उन्हें इस बात की जानकारी मिली थी कि गाय या गोमांस से लदा वाहन आंध्र प्रदेश की ओर जाने की संभावना है। इस विशेष सूचना के आधार पर खोर्धा के इंडस्ट्रियल पुलिस ने गाड़ी की गतिविधियों पर नजर रखी। बेणापंजरी क्षेत्र से एक आयचर गाड़ी गोमांस लेकर आंध्र प्रदेश की ओर जा रही थी।

3 टन गोमांस बरामद…
यह गाड़ी जब जटनी थाना क्षेत्र से निकली, तो इंडस्ट्रियल पुलिस की टीम ने उसे राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के गड़ खोर्धा चौक पर रोक लिया। वाहन चालक से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान चालक ने बताया कि इस वाहन में चोकर की बोरियां रखी हुई हैं और उसे आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा है। पुलिस को जब उसकी बात पर संदेह हुआ तो चेकिंग की गई। चोकर की बोरियों को खाली करने पर अंदर से 3 टन गोमांस बरामद हुआ।
गोमांस से भरी गाड़ी को एस्कॉर्ट कर रहे थे कुछ लोग
इसके बाद खोर्धा शिल्पांचल पुलिस ने एक आयचर गाड़ी जब्त की और चालक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी का नाम एस.के. जाहिद (32) है। वह पुरी जिले के काकटपुर थाना क्षेत्र के रसुलपुर गांव का रहने वाला है। गोमांस की बरामदगी के बाद आरोपी चालक ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह बेणापंजरी से गोमांस आंध्र प्रदेश ले जा रहा था। उसने यह भी बताया कि गोमांस से भरी उसकी गाड़ी आंध्र प्रदेश सही-सलामत पहुंच जाए, इसके लिए कुछ लोग इस वाहन का एस्कॉर्ट कर रहे थे। लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने में असफल रही।
खोर्धा इलाके में लगातार बढ़ रही हैं गोमांस की तस्करी…
खोर्धा शिल्पांचल थाना प्रभारी वासुदेव जयसिंह ने जब्त किए गए गोमांस का नमूना परीक्षण के लिए भेज दिया है और बताया कि इसे अरांग क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर गाड़ा गया है। प्रारंभिक जांच में दो और आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। उधर, स्थानीय लोगों में इस मामले के सामने आने के बाद भारी रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में कई बार गोमांस पकड़े गये हैं। लेकिन पुलिस और प्रशासन गोमांस पकड़े जाने के बाद सही तरह से जांच नहीं करती है और न ही इसके पीछे जो लोग हैं, उन्हें पकड़ने का कोई ठोस प्रयास करती है। यही कारण है कि इस तरह की घटनाएं खोर्धा इलाके में लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस को इस मामले की जांच केवल वाहन चालक या इसके मालिक तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाना चाहिए कि कहां गौवंशों की हत्या की जा रही है। साथ ही, इसके पीछे जो भी बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है, उसकी पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

















