नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां H-1B वीजा पर भारी शुल्क लगाकर नए टैलेंट के लिए अपने देश के दरवाजे बंद कर दिए हैं तो वहीं चीन ने नए K वीजा की घोषणा कर आईटी और साइंस क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर खोल दिए हैं। यह कदम चीन ने दुनियाभर के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए उठाया है। चीन के इस नए वीजा की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि युवा टैलेंट उसकी ओर आकर्षित होगा और पेशेवर लोग रोजगार के लिए वहां जाएंगे। चीन का यह कदम अमेरिकी H-1B वीजा का तोड़ माना जा रहा है।
क्योंकि अमेरिका ने H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर का शुल्क लगाया है। यह शुल्क नए वीजा आवेदनों पर लागू है। मौजूदा वीजा धारकों पर यह शुल्क लागू नहीं है। 21 सितंबर यानी रविवार से ही यह नियम लागू हो चुका है। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला और कैसे K वीजा के जरिए युवाओं को लुभा रहा चीन…
1 अक्टूबर से लागू होगा चीन का K वीजा
बीजिंग ने अपने सामान्य वीजा श्रेणियों में K वीजा जोड़ा है। K VISA युवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी पेशेवरों के लिए उपलब्ध है। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने विदेशियों के प्रवेश और निकास के प्रशासन संबंधी नियमन में संशोधन के निर्णय को लागू करने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट कहती है कि यह नया K- VISA 1 अक्टूबर से लागू होगा।

कैसे युवाओं के लिए है फायदेमंद?
चीन अभी सामान्य 12 प्रकार के वीजा देता है। अब उसने अपने वीजा कैटेगरीज में नया K वीजा जोड़ा है। कहा जा रहा है कि K- VISA अन्य वीजा की तुलना में काफी सुविधा देगा। नया K वीजा धारकों को अनुमत प्रविष्टियों की संख्या (Number of Permitted Entries), वैधता अवधि (Validity Period ) और प्रवास की अवधि के संदर्भ में अधिक सुविधा प्रदान करेगा। यानी साफ है कि K वीजा धारक ज्यादा दिनों तक यानी लंबे वक्त तक चीन में रहकर नौकरी कर पाएंगे। यह वीजा ज्यादा संख्या में लोगों को दिया जाएगा। चीन में प्रवेश करने के बाद K वीजा धारकों को शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आदान-प्रदान के साथ-साथ संबंधित उद्यमशीलता और व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न होने की अनुमति होगी।
K- वीजा में घरेलू नियोक्ता के आमंत्रण की जरूरत नहीं…
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वीजा के लिए आवेदकों को संबंधित चीनी अधिकारियों द्वारा निर्धारित योग्यताएं और आवश्यकताएं पूरी करनी होंगी। इसके साथ ही वीजा पाने के लिए जरूरी सहायक दस्तावेज जमा करने होंगे। आयु, शैक्षिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव संबंधी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार K वीजा के लिए आवेदन करने के लिए किसी घरेलू नियोक्ता या संस्था द्वारा आमंत्रण जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी और आवेदन प्रक्रिया भी अधिक सुव्यवस्थित होगी।
टेक्नोलॉजी और साइंस क्षेत्र के नए टैलेंट के लिए दरवाजे खोल रहा चीन
चीन का कहना है कि देश के विकास के लिए दुनियाभर की प्रतिभाओं की भागीदारी आवश्यक है। इसके लिए चीन अवसर प्रदान कर रहा है। चीनी अधिकारियों का कहना है कि K वीजा का उद्देश्य टेक्नोलॉजी और साइंस क्षेत्र से जुड़े नये टैलेंट और पेशेवरों का चीन में प्रवेश सुगम बनाना है। चीन लगातार अपने वीजा नियमों को सरल बना रहा है। इससे पहले वह 75 देशों के साथ वीजा छूट समझौता कर चुका है। वीजा नियमों में ढील देने से चीन में अंतर्राष्ट्रीय विजिटर्स की संख्या भी बढ़ी है।

















