न्यूयार्क (हि.स.) । अमेरिका ने गाजा में तत्काल एवं बिना शर्त स्थायी संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर एक बार फिर वीटो का इस्तेमाल किया। सुरक्षा परिषद के अन्य सभी 14 सदस्यों ने इजराइल से फिलिस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता पहुंचाने पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने की मांग की और गाजा की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 10 निर्वाचित सदस्यों ने यह प्रस्ताव पेश किया था। 15 सदस्यीय परिषद में 10 निर्वाचित और 5 स्थायी सदस्य होते हैं। अमेरिका को छोड़कर सभी 14 सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। प्रस्ताव में गाजा में तत्काल, बिना शर्त स्थायी युद्धविराम, हमास और अन्य समूहों द्वारा बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता पर लगे प्रतिबंध हटाने का आह्वान किया गया था।
इजराइल-हमास संघर्ष और अमेरिका का छठा वीटो
इजराइल और हमास के बीच लगभग दो वर्ष पहले शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह अमेरिका का छठा वीटो है। सात अक्टूबर 2023 को हमास और अन्य फिलिस्तीनी आतंकी गुटों द्वारा इजराइल पर हमले के बाद गाजा संघर्ष शुरू हुआ था। इस हमले में इजराइल के लगभग 1200 लोग मारे गए थे और 250 को बंधक बना लिया गया था। इनमें से 48 बंधक अब भी हमास के कब्जे में हैं।
वीटो का अर्थ और स्थायी सदस्यों का अधिकार
वीटो का अर्थ है किसी प्रस्ताव, कानून या निर्णय को रोकने या अस्वीकार करने का अधिकार। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सभी 5 स्थायी सदस्यों के पास वीटो का अधिकार है। कोई प्रस्ताव तभी पास होता है जब सभी स्थायी सदस्य उस पर सहमत हों और कोई वीटो का प्रयोग न करे।

















