अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमालियाई मूल की अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर पर बड़ा हमला करते हुए उनके खिलाफ महाभियोग लाने की मांग की। उन्होंने उमर पर तीखा कमेंट करते हुए कहा कि अमेरिकी जिसका देश भ्रष्ट्राचार, भुखमरी और आतंकवाद से ग्रस्त है वह हमें देश चलाना सिखा रही है। ये सब कुछ सोमवार को हुआ, जब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में उमर के खिलाफ एक प्रस्ताव विफल हो गया।
क्या कहा ट्रंप ने
ट्रंप ने इल्हान उमर के जन्मभूमि सोमालिया की बदहाली पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सोमालिया में केंद्रीय सरकार का कोई कंट्रोल ही नहीं है। वहां गरीबी, भुखमरी, आतंकवाद, समुद्री डकैती, गृहयुद्ध, भ्रष्टाचार और हिंसा का बोलबाला है। ट्रंप के मुताबिक, देश की 70 फीसदी आबादी गंभीर गरीबी और भोजन असुरक्षा में जी रही है। वे बोले, “सोमालिया दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों की लिस्ट में हमेशा टॉप पर रहता है, जहां रिश्वतखोरी, घोटाले और कमजोर गवर्नेंस आम बात है।” ट्रंप का कहना है कि इतनी मुश्किलों के बीच भी उमर अमेरिकियों को देश चलाने का लेक्चर देती हैं।
उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि उमर ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के लिए अपने भाई से शादी की थी। ये बात ट्रंप ने सीधे-सीधे कही, “क्या यही वो इल्हान उमर है, जिसने भाई से शादी करके सिटिजनशिप ली? हमारे देश में ऐसे लोग कितने बेकार हैं जो हमें बताते हैं कि क्या करना है और कैसे करना है।” ये आरोप पुराने हैं, लेकिन ट्रंप ने इन्हें फिर से हवा देकर विवाद खड़ा कर दिया। सोमालिया की ये कड़वी सच्चाई – जहां लाखों लोग बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहे हैं – ट्रंप ने उमर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल की।
इसे भी पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र में बलूच लिबरेशन आर्मी पर बैन लगवाने की चीन-पाक की साजिश फेल, अमेरिका ने लगा दिया वीटो
महाभियोग की मांग: ‘उसे रोकना ही काफी नहीं’
ट्रंप ने गुरुवार को कहा, “मुझे लगता है वो बहुत बेकार है। मुझे लगता है उसे महाभियोग का सामना करना चाहिए।” वे और साफ बोले, “अगर उसे रोका जाए तो अच्छा है, लेकिन महाभियोग हो तो सबसे बेहतर।” ये बयान हाउस में उमर के खिलाफ असफल प्रस्ताव के ठीक बाद आए। ट्रंप का इशारा साफ था – उमर जैसे लोग अमेरिकी राजनीति के लिए खतरा हैं। उन्होंने उमर को ‘उपयोगी न होने वाला’ करार दिया, जो उनके समर्थकों में खासी चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक गलियारों में ये बातें तेजी से फैल रही हैं, जहां ट्रंप समर्थक इसे सही ठहरा रहे हैं।
भारत विरोधी हैं इल्हान उमर
इल्हान उमर का नाम भारत से जुड़े विवादों में भी अक्सर आता रहा है। 2019 में उन्होंने असम के एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस) की आलोचना की थी। उसी साल आर्टिकल 370 हटाने के फैसले पर भी वे जमकर बोलीं। 2022 में पाकिस्तान और पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) की यात्रा ने तो हंगामा मचा दिया। उमर ने तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से मुलाकात की, जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की। 2023 के जून में पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिकी कांग्रेस को संबोधन का बहिष्कार किया।
सितंबर 2023 में हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड की जांच में कनाडा के साथ अमेरिका के सहयोग की मांग की, जिसमें भारत की कथित भूमिका पर सवाल उठाए। उमर ने भारत में कथित मानवाधिकार उल्लंघन और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर प्रस्ताव भी पेश किए। ये सबकुछ उमर को भारत-विरोधी छवि देता है।
















