अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थक चार्ली किर्क की हत्या के बाद वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए एंटीफा आंदोन को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह वामपंथी, फ़ासीवाद-विरोधी एंटीफ़ा आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित कर रहे हैं। इस बात का ऐलान उन्होंने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर किया।
ट्रंप ने लिखा, “मैं यह भी दृढ़ता से अनुशंसा करता हूँ कि एंटीफ़ा को वित्तपोषित करने वालों की उच्चतम कानूनी मानकों और प्रथाओं के अनुसार गहन जाँच की जाए।”
ट्रंप समर्थक थे चार्ली किर्क
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी कहे जाने वाले इन्फ्लुएंसर चार्ली किर्क की यूटा वैली यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली किर्क से गले में मारी गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। हुआ कुछ यूं था कि यूटा वैली यूनिवर्सिटी में एक प्रोग्राम के दौरान चार्ली किर्क मास शूटिंग जैसे मुद्दों पर बात कर रहे थे। तभी किसी ने उनसे पूछा, “अमेरिका में पिछले 10 सालों में कितने मास शूटर हुए हैं?” चार्ली ने जवाब दिया, “गैंग वॉर को गिनें या न गिनें?” बस इसी बीच, गोली चल गई। नेक पर गोली लगते ही चार्ली अपनी चेयर से गिर पड़े।
इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब: जैश कमांडर का सनसनीखेज खुलासा, किसके इशारे पर सेना के अफसर पहुंचे आतंकियों के जनाजे में?
चार्ली किर्क कौन थे?
चार्ली किर्क कोई साधारण नाम नहीं था अमेरिकी राजनीति में। वो फार-राइट एक्टिविस्ट थे, और ट्रंप के सबसे बड़े चीयरलीडर। टर्निंग पॉइंट यूएसए नाम की ऑर्गनाइजेशन चलाते थे, जो यूथ को कंजर्वेटिव आइडियाज से जोड़ती थी। ट्रंप के साथ उनका रिश्ता बहुत गहरा था। वो युवाओं की नब्ज पकड़ने में माहिर थे, और ट्रंप की रैलियों में हमेशा आगे रहते। 31 साल की उम्र में इतना नाम कमाना आसान नहीं था।
मस्क ने भी वामपंथियों पर लगाया था आरोप
एलन मस्क जो कभी ट्रंप की कैबिनेट का हिस्सा थे, उन्होंने वामपंथियों पर देश में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने वामपंथियों पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट में लिखा, “वामपंथी, हत्या की पार्टी हैं।” उन्होंने ट्रंप के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए इस घटना को अमेरिका के लिए “काला दिन” बताया था।













