देहरादून: दूनघाटी के लोगों ने अपने जीवन का सबसे भयानक जल प्रलय देखा है। 15 और 16 सितंबर की रात्रि में दूनघाटी में बादल फटने के दौरान बरसाती नदियों में आए पानी के उफान ने 22 लोगों की जान ले ली है और 15 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
मसूरी धनोल्टी कैंपटी फाल का रास्ता खुला
जल प्रलय से प्रभावित मसूरी धनोल्टी कैंपटी फाल का बंद रास्ता देर रात्रि यातायात के लिए खोल दिया गया है। मार्ग सुचारू होने से यहां फंसे हजारों पर्यटकों को अपने अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया। देहरादून प्रेम नगर लॉ कॉलेज के पास बने पुल के टूटने के बाद यातायात डायवर्ट किया गया है और उक्त पुल की मरम्मत का काम शुरू किया गया है।
जल प्रलय के बाद से मजाड़ा कारलीगाढ़ मालदेवता रायपुर सहस्त्रधारा क्षेत्रों में दर्जनों मकानों का अतापता नहीं है। नदी किनारे बने रिसोर्ट भी मलबे में दब गए है। सोंग,तमसा, बिंदाल, बंदाल, रिस्पना टौंस आदि नदियों ने तबाही का मंजर दिखाया है।
एसडीआरएफ एनडीआरएफ पीडब्ल्यूडी के लोग आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव के काम में लगे हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मसूरी विधायक गणेश जोशी और विधायक उमेश शर्मा कायु डीएम सविन बंसल एसएसपी अजेय सिंह आदि अधिकारियों को देर रात्रि तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के कामों में जुटे हुए देखा गया। देहरादून के लोगों ने जल प्रलय का ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा।
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सीएम धामी ले रहे पल-पल की खबर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपने कार्यालय से पल पल की खबर ,आपदा नियंत्रण केंद्र से लेते रहे और राहत संबंधी दिशा निर्देश जारी करते रहे। श्री धामी के निर्देश पर पेयजल सचिव शैलेश बगौली ने स्वयं जलशोधन केंद्रों पर जाकर पेयजल सप्लाई का जायजा लिया और अभियंताओं से पेयजल आपूर्ति को सुचारू करने की हिदायत दी। दरअसल जल संस्थान फिल्टर हाउस में भारी कीचड़ आजाने से पानी की सप्लाई बाधित हुई है जिससे राजधानी में पानी को किल्लत हो गई है।
दून घाटी सहित पूरे जिले में बारिश भी हो रही है,स्कूलों को छुट्टी कर दी गई है। उधम सिंह नगर, नैनीताल ,टिहरी, पौड़ी अल्मोड़ा जिले में अगले 24 घंटे बारिश जारी रहने का अनुमान है।

















