अमेरिका का वो शहर जहां मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है, वहां हाल ही में एक काउंसिल मीटिंग में ऐसा हंगामा मच गया कि लोग हैरान रह गए। एक ईसाई निवासी को मुस्लिम मेयर ने साफ-साफ कह दिया कि वो शहर में ‘वेलकम नहीं’ है। ये सब कुछ स्ट्रीट साइन्स को लेकर हुआ, जो एक न्यूज पब्लिशर को सम्मान देने के लिए लगाए गए थे। ये घटना 17 सितंबर 2025 को जीबी न्यूज में छपी, और ये अमेरिका में सांस्कृतिक और धार्मिक मतभेदों को दिखाती है। डियरबॉर्न जैसे शहरों में जहां अलग-अलग समुदाय रहते हैं, ऐसे झगड़े आम बात हो सकती हैं, लेकिन ये मामला थोड़ा ज्यादा तीखा था।
घटना का पूरा विवरण: काउंसिल मीटिंग में क्या हुआ?
पिछले हफ्ते डियरबॉर्न की सिटी काउंसिल मीटिंग में एडवर्ड ‘टेड’ बरहम नाम के एक ईसाई निवासी ने आवाज उठाई। टेड शहर के निवासी हैं और उन्होंने वॉरेन एवेन्यू पर दो इंटरसेक्शन पर लगे स्ट्रीट साइन्स की आलोचना की। ये साइन्स अरब अमेरिकन न्यूज के पब्लिशर ओसामा सिब्लानी को सम्मान देने के लिए लगाए गए थे। टेड ने कहा कि सिब्लानी हिजबुल्लाह और हमास जैसे ग्रुप्स का समर्थन करते हैं। उन्होंने सिब्लानी के एक कथित बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था, “मर्टर्स का खून फिलिस्तीन की जमीन को सींचता है, चाहे हम मिशिगन में हों या यमन में। हर कोई अपनी ताकत के अनुसार लड़ाई लड़ें। कोई पत्थरों से, कोई बंदूकों से, कोई प्लेन्स, ड्रोन्स और रॉकेट्स से।”टेड ने इसे ‘प्रोवोकेटिव’ बताया और कहा कि ये साइन्स लगाना वैसा ही है जैसे ‘हिजबुल्लाह स्ट्रीट’ या ‘हमास स्ट्रीट’ नाम देना। मीटिंग में काउंसिल मेंबर्स ने बीच में टोक दिया और कहा कि ये पर्सनल अटैक है। उन्होंने ये भी क्लियर किया कि साइन्स वेन काउंटी ने लगाए हैं, न कि डियरबॉर्न सिटी काउंसिल ने। लेकिन टेड अपनी बात पर अड़े रहे।
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मेयर का गुस्सैल जवाब: ‘बिगॉट’ और ‘इस्लामोफोब’ का तमगा
मेयर अब्दुल्लाह एच. हम्मौद, जो मुस्लिम हैं, इस पर भड़क गए। उन्होंने टेड से कहा कि अगर उन्हें साइन्स पसंद नहीं तो वो वॉरेन एवेन्यू पर न जाएं या ‘आंखें बंद करके चलें।’ मेयर ने टेड को ‘बिगॉट’, ‘रैसिस्ट’ और ‘इस्लामोफोब’ कहकर ललकारा। सबसे चौंकाने वाली बात ये थी जब मेयर ने कहा कि अगर टेड शहर छोड़ दें तो वो ‘एक परेड निकालेंगे’ सेलिब्रेट करने के लिए। टेड ने जवाब में जीसस का हवाला दिया, “पीस मेकर्स ब्लेस्ड हैं,” और कहा कि वो शहर में शांति चाहते हैं। मीटिंग में मौजूद लोग ये सब सुनकर स्तब्ध रह गए।
बैकग्राउंड: साइन्स कैसे लगे और शहर का संदर्भ
ये साइन्स अगस्त में वेन काउंटी कमीशन की मंजूरी से लगाए गए थे। अनवीलिंग सेरेमनी में लोकल डिग्निटरीज शामिल हुए थे, जिसमें मेयर हम्मौद भी थे। डियरबॉर्न अमेरिका का ऐसा शहर है जहां मुस्लिम रेसिडेंट्स की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां अरब-अमेरिकन कम्युनिटी मजबूत है, और सिब्लानी जैसे लोग इंफ्लुएंशियल हैं। लेकिन ये घटना ये सवाल उठाती है कि लोकल गवर्नमेंट डाइवर्स व्यूज को कितना हैंडल कर पाती है। टेड जैसे निवासी फील करते हैं कि कुछ फैसले प्रोवोकेटिव हैं, जबकि मेयर इसे पर्सनल अटैक मानते हैं।
शामिल लोग और उनका रोल
एडवर्ड ‘टेड’ बरहम: डियरबॉर्न के ईसाई निवासी, जो स्ट्रीट साइन्स के खिलाफ बोलने वाले थे। वो शांति की बात करते हैं लेकिन सिब्लानी के स्टेटमेंट्स से असहज हैं।
अब्दुल्लाह एच. हम्मौद: शहर के मेयर, मुस्लिम बैकग्राउंड से। उन्होंने टेड को अनवेलकम कहा और इमोशनल रिएक्ट किया।
ओसामा सिब्लानी: अरब अमेरिकन न्यूज के पब्लिशर, जिन्हें साइन्स से सम्मानित किया गया। टेड ने उन्हें हिजबुल्लाह-हमास सपोर्टर बताया, जो विवाद का केंद्र है।

















