नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘पाञ्चजन्य आधार इंफ्रा कॉन्फ्लुएंस 2025’ में कहा कि जल्द ही हम दुनिया के सबसे बड़े रोड नेटवर्क बन जाएंगे। उन्होंने यह बात पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर के साथ बातचीत में कही। नितिन गडकरी ने कहा कि अभी हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रोड नेटवर्क हैं, लेकिन जल्द ही नंबर वन होंगे।
कचरे से बनाएंगे हाइड्रोजन….
उन्होंने दिल्ली में कूड़े को लेकर पिछली केजरीवाल सरकार पर भी निशाना साधा। नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली में जब पिछली सरकार थी। वह भी कचरे का विश्लेषण कर रहे थे। अंतर क्या है? अरविंद केजरीवाल भी कूड़े के पहाड़ देख रहे थे। बातें बता रहे थे, विश्लेषण कर रहे थे। दिल्ली में कूड़े के चार पहाड़ हैं। इनमें गाजीपुर भी शामिल है। इस कचरे को सेग्रगेट करना पड़ता है। मेरा विचार है कि इस कचरे से हम हाइड्रोजन तैयार करें। उन्होंने कहा कि हम बायोमास का प्रोडक्शन बनाएंगे या ऑर्गेनिक वेस्ट को बायो डाइजेस्टर में डाल कर मीथेन बनेगा और मिथेन से हाइड्रोजन बनेगा।
‘पाञ्चजन्य’ के मंच पर बोले नितिन गडकरी- ‘कुछ लोगों की मानसिकता हर बात के विरोध की’
भारत बनेगा ऊर्जा निर्यात करने वाला देश
नितिन गडकरी ने ‘पाञ्चजन्य आधार इंफ्रा कॉन्फ्लुएंस 2025’ में कहा कि आज ऐसी स्थिति है कि हम 22 लाख करोड़ की ऊर्जा आयात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम ऊर्जा को आयात करने वाले देश हैं। हम ऊर्जा को निर्यात करने वाले देश बनेंगे। उन्होंने कहा कि जो हाइड्रोजन कोयले से बनता है, वो ब्लैक हाइड्रोजन है, जो पेट्रोलियम से होता है, वो ब्राउन हाइड्रोजन और जो पानी से इलेक्ट्रोलाइजर प्रोसेस से होता है और जो कचरे से या बायोमास से होता है ग्रीन हाइड्रोजन। हम ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर काम कर रहे हैं।

















