नई दिल्ली: नेपाल में युवाओं के आंदोलन से मची अराजकता में एक भारतीय महिला की मौत हो गई। महिला अपने पति के साथ पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन के लिए गई थी। वहां जिस होटल में वे रुके थे, उपद्रवियों ने उसे आग के हवाले कर दिया। महिला ने आग से बचने के लिए होटल के चौथी मंजिल से छलांग लगा दी जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उसे काठमांडू स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान 10 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
गाजियाबाद की रहने वाली थी महिला
महिला गाजियाबाद की रहने वाली थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पति ट्रांसपोर्टर हैं। बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्टर रामवीर सिंह गोला और उनकी पत्नी राजेश देवी पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए काठमांडू गए थे। जिस दौरान नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन हुआ वो एक होटल में रुके हुए थे। अराजक भीड़ ने उस होटल को भी आग के हवाले कर दिया था।
धुएं और आग की लपटों की वजह से होटल से बचकर भागने के रास्ते बंद हो गए थे। बचाव दल ने इमारत के नीचे गद्दे बिछाए और फंसे हुए लोगों से कूदने का निवेदन किया। राजेश देवी ने भी चौथी मंजिल से छलांग लगा दी और उन्हें गंभीर चोटें आई। काठमांडू में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मंदिर में दर्शन के बाद बेटों को किया था वीडियो कॉल
मृतका के बेटे का कहना है कि 8 सितंबर को पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा के बाद उनकी मां काफी खुश थी। उन्होंने अपने बच्चों को वीडियो कॉल भी किया था। 9 सितंबर की रात को हिंसा फैली और भीड़ ने उस होटल को भी आग के हवाले कर दिया जहां उनके माता-पिता रुके थे। पिता ने बचने के लिए खिड़की का शीशा तोड़ा और दोनों चौथी मंजिल से कूद गये। पिता ने चादरों को आपस में बांधा और होटल के नीचे लगाए गद्दे पर कूद गए लेकिन उनकी मां इस कोशिश के दौरान फिसल गई और उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।














