नई दिल्ली । केंद्र सरकार द्वारा लाख चेतावनी के बावजूद वैध-अवैध तरीके से विदेश जा रहे युवा किसी न किसी संकट में फंस रहे हैं। इसी तरह का एक मामला एक वीडियो में आया है जिसमें रूसी सेना की वर्दी में भारतीय युवा भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
भारतीय युवाओं की पहचान
सेना की वर्दी में यह युवा बताते हैं कि उनकी संख्या 9 हैं, इनमें से एक ने अपना नाम लुधियाना के रहने वाले समरजीत सिंह, जम्मू के रहने वाले सुमीत शर्मा व बूटा सिंह बताया है। युवा यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि वे स्टूडेंट वीजा पर रूस आए थे परन्तु उन्हें सेना में भर्ती कर यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में धकेल दिया गया है।
युवाओं की मदद की गुहार
युवा मदद की गुहार लगाते हुए कहते हैं कि उन्हें वेतन तो दूर समय पर खाना भी नहीं दिया जा रहा और भूखे पेट लड़ाई में झोंक दिया गया है। इन युवाओं ने भारत सरकार से तुरंत इस मामले को रूस के समक्ष उठाने व उन्हें जल्द से जल्द रिहा करवाने की मांग की है।
पहले भी सामने आए मामले
ज्ञात रहे कि इस तरह के मामले अतीत में भी प्रकाश में आ चुके हैं जब भारतीय युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंका गया। बताया जाता है कि बहुत से युवा अभी भी रूस में फंसे हुए हैं और इनके परिजन दिल्ली के जंतर-मंतर अपने प्रियजनों की वापसी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।

















