पंजाब में 12 वर्ष पुराने छेड़छाड़ और मारपीट मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और उनके 12 साथियों को दोषी करार दिया गया है। तरनतारन के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
2013 की घटना का विवरण
घटना 4 मार्च 2013 की है जब अनुसूचित जाति की एक लड़की अपने पिता (पूर्व सैनिक) और परिवार के साथ श्री गोइंदवाल बाइपास स्थित पंजाब इंटरनेशनल पैलेस में गई थी। वहां टैक्सी चालकों ने लड़की से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर मारपीट की।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
मौके पर पहुंची थाना सिटी पुलिस पार्टी ने भी लड़की और उसके परिवार के साथ सरेआम मारपीट की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौके पर मौजूद एक फोटोग्राफर ने रिकॉर्ड कर लिया।
मीडिया और सुप्रीम कोर्ट की दखल
मामला मीडिया में उछलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार को केंद्रीय सुरक्षा देने के आदेश दिए। वहीं, एससी आयोग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने भी इस पर संज्ञान लिया।
एफआईआर और आरोपियों के नाम
थाना सिटी तरनतारन में मुकदमा नंबर 59/13 दर्ज किया गया। इसमें टैक्सी चालक हरविंदर सिंह शोशी, मनजिंदर सिंह लालपुरा (अब खडूर साहिब से AAP विधायक) और मारपीट करने वाली पुलिस पार्टी को नामजद किया गया।
अदालत की कार्यवाही और अंतिम बहस
इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई एडिशनल सेशन जज प्रेम कुमार की अदालत में चल रही थी। 8 सितंबर को अंतिम बहस हुई और 10 सितंबर को फैसला सुनाने का दिन तय किया गया था।
दोषियों की पेशी और कोर्ट का फैसला
आज सुबह विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत सभी आरोपी अदालत में पेश हुए। दोपहर 12.10 बजे अदालत ने सभी को दोषी करार दिया। सजा सुनाने के लिए 12 सितंबर की तारीख तय की गई।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था
फैसला आते ही तरनतारन की कचहरी पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। विधायक लालपुरा समेत सभी आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।












