गंजबासौदा: शासकीय सुभद्रा शर्मा कन्या महाविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा की शिकायत पर कॉलेज में कार्यरत इंग्लिश विषय के अतिथि प्रोफेसर डॉ. सरताज खान के खिलाफ देहात थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर द्वारा उसे कई दिनों से लगातार आपत्तिजनक मैसेज भेजे जा रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी।
भाई को दी जानकारी- छात्रा ने यह बात पहले अपने भाई को बताई। जब छात्रा का भाई कॉलेज पहुंचा और इस बारे में प्रोफेसर सरताज से बात करनी चाही, तो वहां पर विवाद की स्थिति बन गई। छात्रा के भाई का आरोप है कि इस दौरान प्रोफेसर और कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य ने उसके साथ अभद्रता की। इसके बाद उसने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जिला संयोजक शुभम ठाकुर से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी। जब छात्र संगठन के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो वहां हंगामे की स्थिति बन गई। माहौल को बिगड़ता देख कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोफेसर सरताज खान को थाने ले गई। छात्रा के परिवार वाले भी देहात थाना पहुंचे और उन्होंने लिखित में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि प्रोफेसर सरताज छात्रा को लगातार अश्लील मैसेज भेजते थे और इस बारे में किसी को कुछ न बताने की धमकी भी देते थे। लेकिन छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए सारी बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत उचित कदम उठाया।
संगठन और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया- मामले की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री अभिषेक शर्मा ‘गुरुजी’ भी थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘लव जिहाद’ का मामला है। उनका कहना है कि प्रोफेसर सरताज खान एक सोची-समझी साजिश के तहत छात्रा को अपने जाल में फंसा रहा था। वह पहले अश्लील मैसेज भेज कर मानसिक रूप से कमजोर कर रहा था और फिर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था। संगठन के सदस्यों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और एफआईआर दर्ज करने की बात कही। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल प्रोफेसर से पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल की भी जांच की जा रही है जिससे यह पता लगाया जा सके कि छात्रा को भेजे गए मैसेज किस प्रकार के थे और कितनी बार भेजे गए।
इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जब छात्रा का भाई कॉलेज पहुंचा था, तब प्राचार्य द्वारा सहयोग की बजाय अभद्रता किए जाने का आरोप भी सामने आया है। छात्र संगठन और परिजन यह मांग कर रहे हैं कि सिर्फ प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
















