पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता जी-जान से जुटे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर झूठे नैरेटिव गढ़कर इस विपदा काल में भी संघ को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर झूठा दावा वायरल
एक्स (Twitter) पर मोहित चौहान नामक व्यक्ति ने संघ के स्वयंसेवकों की फोटो पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि क्या आरएसएस जैसे संगठन को बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के बाढ़ पीड़ितों की मदद करते देखा गया है।
सरल व्यंग नामक अकाउंट ने लिखा कि पंजाब में मदरसों से मदद की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन जिस संगठन की मोदी जी ने हाल ही में तारीफ की थी, उसका नाम मदद में नहीं दिख रहा। इसी तरह निर्देश सिंह ने भी आरएसएस की आलोचना की।
फैक्ट चेक में सामने आया सच
फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया। आरएसएस ने समाज के सहयोग से अपने सेवा कार्यों को और तेज किया है। पंजाब प्रांत संघचालक स. इकबाल सिंह ने स्पष्ट किया कि संघ उपेक्षित इलाकों को प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक पहुंच रहा है।
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ਸੇਵਾ ਭਾਰਤੀ ਨਾਲ ਮਿਲਕੇ ਆਰ ਐਸ ਐਸ ਦੇ ਕਾਰਯਕਰਤਾ, ਹਾੜ ਦੇ ਪੀੜਿਤਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ਤੇ ਆਪਣਾ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇ ਰਹੇ।ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ, ਵਲੰਟੀਅਰਾਂ ਨੇ 10 ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਪੀੜਤਾਂ ਨੂੰ ਕਈ ਟਰਾਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ, ਖੰਡ, ਘਰੇਲੂ ਰਾਸ਼ਨ, ਪੀਣ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਦਵਾਈਆਂ ਵਰਗੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਪਹੁੰਚਾਈਆਂ। #RSSwithPunjab pic.twitter.com/F6f76twg25— Vishwa Samvad Kendra,Punjab (@vskpunjab) September 4, 2025
41 स्थानों पर 1743 स्वयंसेवक जुटे
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों में संघ के 41 स्थानों पर 1743 स्वयंसेवक सेवा, राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय हैं। इनमें सेवा भारती, भारत विकास परिषद, विद्या भारती, किसान संघ, एबीवीपी, माधव राव मूले सेवा समिति और सरहदी लोकसेवा समिति जैसे संगठनों की भागीदारी है।
जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही सहायता
संघ स्वयंसेवक प्रभावित लोगों तक पका हुआ भोजन, सूखा राशन, पीने का पानी, तिरपाल, कंबल, फोल्डिंग बेड, दवाएं और आश्रय स्थल उपलब्ध करवा रहे हैं। पशुओं के लिए हरा और सूखा चारा भी पहुंचाया जा रहा है। कई स्थानों पर मेडिकल कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं।

















