इजरायल हमास के बीच एक साल से भी अधिक वक्त से युद्ध चल रहा है। लेकिन अब तक इजरायल आतंकी संगठन के कब्जे से अपने सभी लोगों को छुड़ा नहीं पाया है। ऐसे में अब एक बार फिर से आईडीएफ गाजा में एक बड़ा मिलिट्री अभियान चलाने की तैयारी में है। इसको मद्देनजर रखते हुए इजरायल की सेना ने गाजा सिटी के निवासियों को तुरंत शहर खाली करने का आदेश दिया है। हालांकि, इसका विरोध भी किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आईडीएफ के इस एक्शन मकसद जिसका मकसद गाजा के सबसे बड़े शहरी क्षेत्र पर कब्जा करना है। लगभग दो साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने की शांति वार्ता के बीच यह कदम जटिलताएं बढ़ा रहा है। इस योजना से 22 लाख लोगों की जिंदगी और मुश्किल हो सकती है, जो पहले ही भुखमरी और मानवीय संकट से जूझ रहे हैं।
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सैन्य कार्रवाई की तैयारी
सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा सिटी के निवासियों को तुरंत शहर छोड़ने की चेतावनी दी। इजरायल ने ऐलान किया कि वह हवाई हमलों को और तेज करेगा। नेतन्याहू ने कहा कि सेना अब गाजा सिटी में जमीनी सैन्य अभियान के लिए तैयार हो रही है। इजरायल का दावा है कि यह अभियान गाजा पट्टी को पूरी तरह से निशस्त्रीकरण करने और उस पर सुरक्षा नियंत्रण स्थापित करने के लिए जरूरी है।
मानवीय संकट की चिंता
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। आलोचकों का कहना है कि गाजा सिटी पर कब्जा और पूरे क्षेत्र का निशस्त्रीकरण वहां रहने वाले 10 लाख से ज्यादा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। गाजा पहले से ही भयंकर भुखमरी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, और अब शहर खाली करने का आदेश उनके लिए और मुसीबत ला सकता है। इस कदम से शांति वार्ता भी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि यह युद्ध को और लंबा खींच सकता है।

















