पंजाब में बाढ़ से हालात में भारी तबाही के बाद अब थोड़ा सुधार हो रहा है लेकिन नशे की बाढ़ अभी भी चरम पर है। पिछले 24 घंटों में पंजाब में ओवरडोज से तीन युवकों की मौत हो गई और पुलिस ने अमृतसर से 8 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। गौरतलब है कि यह हेरोइन रैकेट पाकिस्तान से चलाया जा रहा था। ओवरडोज से मरने वाले तीन युवकों में से दो सगे भाई हैं और उनमें से एक भाई की एक साल पहले नशे की लत के कारण मौत हो गई थी।
तरनतारन के जामाराय गांव में नशे की ओवरडोज से दो भाइयों की मौत हो गई। एक वर्ष पहले दोनों के बड़े भाई बहादर सिंह की जान भी इसी तरह चली गई थी। खडूर साहिब से छह किलोमीटर की दूरी पर बसे गांव जामाराय की में पूर्व सैनिक लखविंदर सिंह के बड़े बेटे बहादर सिंह को डेढ़ वर्ष पहले नशे ने निगल लिया था। बहादुर सिंह के दो भाई मलकीत सिंह और गुरप्रीत सिंह मिलकर नशे का इंजेक्शन लगाते थे। गांव तुड़ से संबंधित नामी नशा तस्कर बीती शाम को दोनों भाइयों को दस हजार रुपये की हेरोइन देकर गया। मृतकों की मां रंजीत कौर ने बताया कि वह दुहाई देती रही कि घर का राशन लाना है, बाढ़ का भी खतरा है, लेकिन दोनों भाइयों ने एक नहीं सुनी। दोनों ने एक-दूसरे को रात भर चिट्टे के टीके लगाए। सुबह दोनों को मृत देखकर मां रंजीत कौर बेसुध हो गई। बता दें कि मलकीत सिंह शादीशुदा था और दो बेटियों का पिता भी था।
इसी तरह फिरोजपुर जिले के गांव फत्ते वाला में रविवार देर शाम एक 26 वर्षीय युवक की नशे के इंजेक्शन के कारण मौत हो गई, उसका शव नहर के किनारे पड़ा मिला। मृतक शादीशुदा था और एक छह साल की बच्ची का पिता था। मृतक राणा के बुजुर्ग पिता सोडी सिंह ने रोते हुए बताया कि उनके तीन बेटे हैं, लेकिन घर का सहारा राणा ही था। उसके जाने से पत्नी सीमा देवी और उसकी छह साल की मासूम बेटी का भविष्य अंधकार में डूब गया है। उन्होंने कहा कि गांव में खुलेआम नशा बिक रहा है लेकिन सरकार व प्रशासन चुप बैठा है।
दूसरी तरफ अमृतसर पुलिस ने नशा माफिया पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से संचालित हो रहे हेरोइन तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 8.187 किलो हेरोइन बरामद करने के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुख्यात तस्कर सोनी सिंह उर्फ सोनी भी शामिल है, जिसके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने अपने एक्स हेंडल पर इसका खुलासा किया है। उनका कहना है कि पुलिस आगे की जांच कर रही है। पकड़ेे गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। हेरोइन की खेप को सीमा पार से लाने के बाद अमृतसर और आसपास के होटलों में छुपाया जाता था। यही होटल नशे के गोदाम की तरह इस्तेमाल किए जाते थे, जहां से इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। इस तरह पूरा गिरोह शहर में बिना शक पैदा किए नशे का कारोबार चला रहा था।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान से जुड़ा एक तस्करी नेटवर्क अमृतसर में सक्रिय है। सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की गई। क्रमवार खुलासों से पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले हुए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सबसे बड़ा नाम सोनी सिंह उर्फ सोनी का है। पुलिस रिकार्ड में उसका लंबा आपराधिक इतिहास दर्ज है और उसके खिलाफ कई एनडीपीएस एक्ट के मामले पहले से चल रहे हैं। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से नेटवर्क की कई परतें खुलेंगी।

















