देहरादून । समग्र जैन समाज सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जैन समाज, देवभूमि की सेवा करने में सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़ा मिला है। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा “कुछ माह पहले भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक के अवसर पर मुझे जैन मंदिर मुक्तेश्वर जाना था लेकिन किन्हीं अपरिहार्य कारणों से मैं वहां नहीं जा सका, लेकिन आज आपके बीच यहां आया हूं।”
मुख्यमंत्री को मिला जैन संतों का आशीर्वाद
जैन संतों का, जैन मुनियों का सानिध्य, स्नेह प्रेम, आशीर्वाद मिल रहा है। ये मेरे लिए सौभाग्य के पल हैं। “भाग्यकुलभूषण, संघ रत्न, संघ सेतु, उपाध्याय प्रवर पूज्य गुरुदेव श्री रविंद्र मुनि जी महाराज, ज्योतिष दिवाकर, गौवत्स प्रेमी परम् पूज्य गुरुदेव श्री राजेश मुनि जी महाराज को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा संत सागर जी महाराज समाज को धर्म के कार्यों के साथ-साथ सेवा, करुणा और आत्मानुशासन भी सिखाते हैं।”
संतों के जीवन से प्रेरणा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत सागर जी महाराज का जीवन इस बात का साक्षात उदाहरण है कि यदि कोई दृढ़ निश्चय कर ले तो वह न केवल स्वयं को बल्कि समाज के असंख्य लोगों को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज का जीवन संयम, सेवा और करुणा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने जैन धर्म के आदर्शों को अपनाकर न केवल धार्मिक क्षेत्र में बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी अमूल्य योगदान दिया है।
जैन समाज की एकता पर बल
श्री धामी ने कहा आप जैसे संत आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा-स्रोत हैं और उनके उपदेश आने वाली पीढ़ियों को धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन देते रहेंगे। उन्होंने कहा मुझे बताया गया है कि आज के इस कार्यक्रम में संपूर्ण उत्तराखंड के लगभग 32 नगरों, महानगरों और कस्बों से जैन समाज के लोग यहां एकत्र हुए हैं। उत्तराखंड में जैन समाज के लगभग 80 धार्मिक स्थल हैं जिनको एक प्लेटफॉर्म पर लाना है, जो इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन से ही संभव है।
जैन धर्म का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा जैन समाज के विषय में सब जानते हैं कि जैन धर्म अहिंसा परमोधर्म के सिद्धान्त को आत्मसात करने वाला धर्म है। आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से समृद्ध समाज है जैन समाज। जिनालय, विद्यालय और चिकित्सालय से तन मन आत्मा की शुद्धि का कार्य करने वाला समाज है।
जैन कल्याण बोर्ड की मांग
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आपने सरकार से अपेक्षा रखी है कि उत्तराखंड जैन कल्याण बोर्ड या परिषद का गठन हो, जिससे संपूर्ण जैन समाज को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जा सके और धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यताओं तथा धर्मस्थलों के व्यवस्थित उत्थान की रूपरेखा तैयार हो सके। इस बारे में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग जरूर विचार करेगा।
मदरसा बोर्ड खत्म करने का निर्णय
सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने 2026 में मदरसा बोर्ड खत्म करने का निर्णय लिया है साथ ही उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को बनाए जाने का फैसला लिया है। हम चाहते हैं कि अल्पसंख्यक समाज के प्रत्येक वर्ग और संप्रदाय को सरकार की सुविधाएं मिलनी चाहिए, जो अब तक एक धर्म विशेष को मिलता था। यह निर्णय देश में पहला है।
जैन समाज के लिए शिक्षा और सेवा का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज अपनी धार्मिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाज के वंचित अशिक्षित वर्ग की शिक्षा और कल्याण के लिए योजनाएं बनाए। उन्होंने कहा आपमें से बहुत से सम्पन्न लोग हैं जो स्कूल खोल सकते हैं, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। आप एक हाथ बढ़ाइए, दूसरा हाथ हम बढ़ाएंगे।
लैंड जिहाद और अवैध कब्जों पर कार्रवाई
श्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने लैंड जिहाद के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। करीब 9 हजार एकड़ सरकारी भूमि कब्जे से मुक्त करवाई गई है। करीब 550 अवैध धार्मिक संरचनाओं को हटाया गया है। हमारी सरकार ने देवभूमि में 250 से ज्यादा अवैध मदरसे बंद करवा दिए हैं। सख्त कन्वर्जन कानून लागू हो गया है। गौ रक्षा कानून, नकल विरोधी कानून, यूसीसी कानून और संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए सख्त कानून लागू किए गए हैं।
ऑपरेशन कालनेमी और धार्मिक पवित्रता
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्जी बाबाओं के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमी चलाया गया। जब बाबाओं के भेष में बांग्लादेशी मुस्लिम निकले तो हमें भी देवभूमि के सनातन स्वरूप को बनाए रखने के लिए सख्ती करनी पड़ी। अब यहां थूक जिहाद, लव जिहाद नहीं चलेगा। आगे भी हम इस राज्य की पवित्रता बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। चारधाम और मानसखंड के देवस्थलों का विकास हो रहा है।
सम्मेलन में हुआ स्वागत और ज्ञापन
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुरेन्द्र जैन ने कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है जहां धर्म रक्षक धामी जैसा व्यक्ति देवभूमि की सेवा कर रहा है। कार्यक्रम में बार-बार “धर्म रक्षक धामी” के जयघोष हुए। पद्मश्री आर के जैन ने राज्य के अल्पसंख्यक विभाग से जैन समाज के लंबित विषयों को सामने रखते हुए ज्ञापन भी दिया।
जैन मुनि का आशीर्वाद
इस अवसर पर जैन दिगम्बर मुनि सौरभ सागर जी महाराज ने मुख्यमंत्री धामी को आशीर्वचन भी दिया और कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, यहां की सेवा करना आपका धर्म और सौभाग्य है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।

















